भारत में महिलाएं पुरुषों की तुलना में कहीं अधिक नींद की कमी का सामना कर रही हैं। भारत समेत 13 देशों में किए गए ‘ग्लोबल स्लीप सर्वे 2026’ के अनुसार कि पारिवारिक जिम्मेदारियों और मानसिक तनाव का सीधा असर महिलाओं की नींद की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। सर्वे के अनुसार, जहां 29% पुरुष सोने में कठिनाई महसूस करते हैं, वहीं महिलाओं में यह आंकड़ा लगभग 38% है। सर्वे के अनुसार, भारत में तनाव (39%), कामकाजी चिंता (37%) और घर की जिम्मेदारियां (31%) नींद में खलल डालने वाले सबसे बड़े कारण बने हुए हैं।
Insomnia: देख लें आंकड़ें
नींद के मामले में जागरूकता और हकीकत के बीच अंतराल स्पष्ट देखा जा सकता है। भारत में 44% लोग अच्छी नींद को लंबी उम्र के लिए डाइट और एक्सरसाइज जितना ही जरूरी मानते हैं। बावजूद इसके, 53% भारतीय ही सप्ताह में केवल चार रात या उससे कम ही सुकून की नींद ले पाते हैं। नींद की इस कमी का बड़ा कारण तनाव (39%), काम का बोझ (37%) और घरेलू कर्तव्य (31%) उभरकर आए हैं। इतना ही नहीं, डॉक्टरों में भी इसको लेकर अधिक चिंता नहीं है।
| कारक | महिलाएं | पुरुष |
|---|---|---|
| सोने में कठिनाई महसूस करना | 38% | 29% |
| तनाव और चिंता से नींद बाधित | 42% | 36% |
| पारिवारिक जिम्मेदारियों से उड़ती नींद | 39% | 33% |
कामकाज और मानसिक स्वास्थ्य पर असर
नींद पूरी न होने का असर केवल थकान तक सीमित नहीं है। सर्वे के मुताबिक, 39% लोग अगले दिन अधिक तनावग्रस्त और 35% अधिक चिड़चिड़ापन महसूस करते हैं। कार्यक्षेत्र में भी इसका असर साफ दिखता है। 71% कामकाजी भारतीयों का मानना है कि नींद की कमी उनकी एकाग्रता और परफॉर्मेंस को कम करती है। इतना ही नहीं, खराब नींद के कारण 77% लोग बीमारी का बहाना बनाकर छुट्टी लेने को मजबूर हैं।
भारतीयों को नसीब नहीं 7 घंटे की नींद
| देश | औसत नींद (घंटे में) | बिस्तर पर जाने का समय |
|---|---|---|
| ब्रिटेन | 7 घंटे 22 मिनट | 12:28 AM |
| अमरीका | 7 घंटे 06 मिनट | 11:54 PM |
| चीन | 6 घंटे 43 मिनट | 12:32 AM |
| भारत | 6 घंटे 35 मिनट | 12:26 AM |
| जापान | 5 घंटे 52 मिनट | 12:49 PM |


