मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को जमुई में समृद्धि यात्रा के तहत पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लगभग 900 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सभा स्थल पर हजारों की संख्या में पहुंची महिलाओं ने एक भावनात्मक अपील की, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से बिहार में ही रहने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री के दिल्ली जाने की चर्चाओं को लेकर महिलाएं भावुक दिखीं। कई महिलाओं की आंखों में आंसू थे, जबकि कुछ ने खुलकर अपनी चिंता व्यक्त की। उनका मानना था कि यदि नीतीश कुमार बिहार छोड़कर दिल्ली जाते हैं, तो राज्य के गरीबों और महिलाओं को बड़ा नुकसान होगा। समृद्धि यात्रा से जुड़ी 3 तस्वीरें.. नीतीश दिल्ली जा रहे, इसलिए हम रो रहे
दैनिक भास्कर से बात करते हुए मंजू देवी ने कहा, “हम इसलिए रो रहे हैं क्योंकि नीतीश कुमार दिल्ली जा रहे हैं। उन्होंने हमारे लिए बहुत कुछ किया है। ” जया देवी ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा, “हम चाहते हैं कि नीतीश कुमार बिहार में ही रहें। पहले हम सिकंदरा से जमुई पैदल जाते थे, लेकिन अब सड़क और पुल की सुविधा मिल गई है।” हरिहरपुर से आईं प्रेमा देवी ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे अपनी बहनों के साथ यह संदेश लेकर आई हैं कि नीतीश कुमार को दिल्ली न भेजा जाए, बल्कि उन्हें बिहार में ही रहने दिया जाए। उन्होंने बताया कि पहले वृद्धा पेंशन 400 रुपये मिलती थी, जो अब बढ़कर 1100 रुपये हो गई है। महिलाओं ने कहा- कोई भी बनें, नीतीश जैसे ही ध्यान रखे
महिलाओं ने यह भी इच्छा व्यक्त की कि भविष्य में कोई अन्य मुख्यमंत्री बने, तो वह भी नीतीश कुमार की तरह गरीबों और महिलाओं का ध्यान रखे। इस सभा में विकास योजनाओं से अधिक चर्चा महिलाओं की भावनात्मक अपील की रही, जिसने इस कार्यक्रम को उनके नेता से जुड़ी उम्मीदों और भावनाओं का प्रतीक बना दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को जमुई में समृद्धि यात्रा के तहत पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लगभग 900 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सभा स्थल पर हजारों की संख्या में पहुंची महिलाओं ने एक भावनात्मक अपील की, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से बिहार में ही रहने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री के दिल्ली जाने की चर्चाओं को लेकर महिलाएं भावुक दिखीं। कई महिलाओं की आंखों में आंसू थे, जबकि कुछ ने खुलकर अपनी चिंता व्यक्त की। उनका मानना था कि यदि नीतीश कुमार बिहार छोड़कर दिल्ली जाते हैं, तो राज्य के गरीबों और महिलाओं को बड़ा नुकसान होगा। समृद्धि यात्रा से जुड़ी 3 तस्वीरें.. नीतीश दिल्ली जा रहे, इसलिए हम रो रहे
दैनिक भास्कर से बात करते हुए मंजू देवी ने कहा, “हम इसलिए रो रहे हैं क्योंकि नीतीश कुमार दिल्ली जा रहे हैं। उन्होंने हमारे लिए बहुत कुछ किया है। ” जया देवी ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा, “हम चाहते हैं कि नीतीश कुमार बिहार में ही रहें। पहले हम सिकंदरा से जमुई पैदल जाते थे, लेकिन अब सड़क और पुल की सुविधा मिल गई है।” हरिहरपुर से आईं प्रेमा देवी ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे अपनी बहनों के साथ यह संदेश लेकर आई हैं कि नीतीश कुमार को दिल्ली न भेजा जाए, बल्कि उन्हें बिहार में ही रहने दिया जाए। उन्होंने बताया कि पहले वृद्धा पेंशन 400 रुपये मिलती थी, जो अब बढ़कर 1100 रुपये हो गई है। महिलाओं ने कहा- कोई भी बनें, नीतीश जैसे ही ध्यान रखे
महिलाओं ने यह भी इच्छा व्यक्त की कि भविष्य में कोई अन्य मुख्यमंत्री बने, तो वह भी नीतीश कुमार की तरह गरीबों और महिलाओं का ध्यान रखे। इस सभा में विकास योजनाओं से अधिक चर्चा महिलाओं की भावनात्मक अपील की रही, जिसने इस कार्यक्रम को उनके नेता से जुड़ी उम्मीदों और भावनाओं का प्रतीक बना दिया।


