महिला आयोग ने बिहार के 21 कुलपतियों को लिखा पत्र:15 दिन में कॉलेजों में आंतरिक शिकायत कमेटी बनाने का आदेश, महिला सुरक्षा को लेकर फैसला

महिला आयोग ने बिहार के 21 कुलपतियों को लिखा पत्र:15 दिन में कॉलेजों में आंतरिक शिकायत कमेटी बनाने का आदेश, महिला सुरक्षा को लेकर फैसला

बिहार राज्य महिला आयोग ने बिहार के विभिन्न यूनिवर्सिटी के 21 कुलपतियों को पत्र लिखा है। इस लेटर में उन्होंने आंतरिक शिकायत कमेटी के बारे में जानकारी देने को कहा है। अगर किसी कॉलेज में आंतरिक शिकायत कमेटी नहीं बनी है तो 15 दिन के अंदर इसका गठन कर आयोग को जानकारी देने को कहा गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बिहार के विभिन्न यूनिवर्सिटी के अंतर्गत कॉलेज में पढ़ाई करने आई छात्राओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। आंतरिक शिकायत कमेटी की देनी होगी जानकारी बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा ने कहा कि महिला आयोग ने सभी कुलपतियों को पत्र लिखकर यह जानना चाहा है कि उनके अंतर्गत जो भी कॉलेज आते हैं, तो क्या उसमें आंतरिक शिकायत कमेटी बनी है या नहीं। अगर यह कमेटी बनी है तो उसके बारे में डिटेल जानकारी देना होगा। अगर नहीं बनी है तो 15 दिन में आंतरिक शिकायत कमेटी बनाकर महिला आयोग को जानकारी देनी होगी। इसमें पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, नालंदा विश्वविद्यालय सहित अन्य यूनिवर्सिटी शामिल है। छात्राओं के सुरक्षित माहौल को सुनिश्चित किया जाएगा उन्होंने आगे कहा कि यूनिवर्सिटी में छात्राओं के सुरक्षित माहौल को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। महिला आयोग चाहती है कि जो भी बच्चियों दूर-दूर से कॉलेज में पढ़ने आती है वह सुरक्षित रहे। विश्वविद्यालय में जो छात्राएं पढ़ रही हैं, उन्हें सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए उन छात्रों को बैड टच और गुड टच के बारे में मालूम होना चाहिए ताकि वह इस आंतरिक शिकायत कमेटी में आकर किसी भी परेशानी के बारे में बता सके। किसी भी गलत कृत्य के प्रति उन्हें आवाज उठाना चाहिए। यह उनके सुरक्षा के दृष्टिकोण से बहुत जरूरी है। बिहार राज्य महिला आयोग ने बिहार के विभिन्न यूनिवर्सिटी के 21 कुलपतियों को पत्र लिखा है। इस लेटर में उन्होंने आंतरिक शिकायत कमेटी के बारे में जानकारी देने को कहा है। अगर किसी कॉलेज में आंतरिक शिकायत कमेटी नहीं बनी है तो 15 दिन के अंदर इसका गठन कर आयोग को जानकारी देने को कहा गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बिहार के विभिन्न यूनिवर्सिटी के अंतर्गत कॉलेज में पढ़ाई करने आई छात्राओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। आंतरिक शिकायत कमेटी की देनी होगी जानकारी बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा ने कहा कि महिला आयोग ने सभी कुलपतियों को पत्र लिखकर यह जानना चाहा है कि उनके अंतर्गत जो भी कॉलेज आते हैं, तो क्या उसमें आंतरिक शिकायत कमेटी बनी है या नहीं। अगर यह कमेटी बनी है तो उसके बारे में डिटेल जानकारी देना होगा। अगर नहीं बनी है तो 15 दिन में आंतरिक शिकायत कमेटी बनाकर महिला आयोग को जानकारी देनी होगी। इसमें पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, नालंदा विश्वविद्यालय सहित अन्य यूनिवर्सिटी शामिल है। छात्राओं के सुरक्षित माहौल को सुनिश्चित किया जाएगा उन्होंने आगे कहा कि यूनिवर्सिटी में छात्राओं के सुरक्षित माहौल को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। महिला आयोग चाहती है कि जो भी बच्चियों दूर-दूर से कॉलेज में पढ़ने आती है वह सुरक्षित रहे। विश्वविद्यालय में जो छात्राएं पढ़ रही हैं, उन्हें सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए उन छात्रों को बैड टच और गुड टच के बारे में मालूम होना चाहिए ताकि वह इस आंतरिक शिकायत कमेटी में आकर किसी भी परेशानी के बारे में बता सके। किसी भी गलत कृत्य के प्रति उन्हें आवाज उठाना चाहिए। यह उनके सुरक्षा के दृष्टिकोण से बहुत जरूरी है।  

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