बाराबंकी में बेकाबू स्कॉर्पियो की टक्कर से महिला की मौत:परिवार के साथ कोटवा धाम जाते समय हादसा, बेटा गंभीर; पति भी घायल

बाराबंकी में बेकाबू स्कॉर्पियो की टक्कर से महिला की मौत:परिवार के साथ कोटवा धाम जाते समय हादसा, बेटा गंभीर; पति भी घायल

रामनगर (बाराबंकी) के चौकाघाट क्षेत्र में हुआ दर्दनाक सड़क हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार की खुशियों के टूटने की कहानी बन गया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर ने 32 वर्षीय विनीता सिंह की जान ले ली, जबकि उनका मासूम बेटा अभी भी जिंदगी की जंग लड़ रहा है। विनीता सिंह अपने परिवार की धुरी थीं। पति निशांत सिंह खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, वहीं विनीता घर और बच्चों की देखभाल में पूरी तरह समर्पित थीं। रविवार की सुबह परिवार के लिए एक सामान्य दिन की तरह शुरू हुई थी। वे अपने पति और 7 वर्षीय बेटे अदयांश के साथ कोटवा धाम दर्शन के लिए निकली थीं, लेकिन रास्ते में ही किस्मत ने ऐसा मोड़ लिया कि सब कुछ बदल गया। हादसे के बाद विनीता को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। परिजन उम्मीद लगाए बैठे थे कि वह जिंदगी की जंग जीत जाएंगी, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। जैसे ही उनका शव घर पहुंचा, पूरे गांव में मातम छा गया। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर हर आंख नम हो गई। विनीता अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं—10 वर्षीय अभिमन्यु और 7 वर्षीय अदयांश। मां की मौत से दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्हें अभी यह भी ठीक से समझ नहीं आ रहा कि उनकी मां अब कभी वापस नहीं आएंगी। वहीं, पति निशांत सिंह भी इस हादसे में घायल हैं और गहरे सदमे में हैं। गांव के लोगों का कहना है कि विनीता मिलनसार और सरल स्वभाव की महिला थीं, जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहती थीं। उनके जाने से न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को उजागर करता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर सख्ती बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दुख न झेलना पड़े।

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