इटावा जिले के इकदिल थाना क्षेत्र के नगला परबंदी गांव में मामूली खांसी, जुकाम और बुखार का इलाज कराने गई एक महिला की इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। नगला परबंदी निवासी गिरीश बाबू अपनी पत्नी राजकुमारी (52 वर्ष) को खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायत होने पर इकदिल स्थित एक बंगाली डॉक्टर के अस्पताल में इलाज कराने लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर ने महिला को इंजेक्शन लगाया, जिसके कुछ ही देर बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। बताया गया कि इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनटों में महिला की तबीयत ज्यादा खराब हो गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मच गया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोग और गांव के कई ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने अस्पताल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि गलत इंजेक्शन लगाने की वजह से महिला की जान गई है। घटना की जानकारी मिलते ही इकदिल थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और परिजनों से जानकारी ली जा रही है। मृतका राजकुमारी अपने पीछे दो बेटों को छोड़ गई हैं। बड़े बेटे लाल सिंह (30 वर्ष) और छोटे बेटे अंकुश बाबू (23 वर्ष) का मां की अचानक मौत से रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


