गोंडा जिला महिला अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां डिलीवरी के बाद 2 घण्टे में ऑपरेशन थिएटर के अंदर ही 35 वर्षीय मंजू नाम की महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों और कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की है। मौके पर पहुंचे सीओ नगर आनंद राय बीते 2 घंटे से परिजनों को समझाने बुझाने में लगे हुए हैं लेकिन परिजन करने को तैयार नहीं है। देहात कोतवाली क्षेत्र के ठाकुरापुर गांव निवासी मुकेश अपनी पत्नी मंजू को आज शाम करीब 6:30 बजे जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल भर्ती कर ऑपरेशन किया, जिससे एक लड़के का जन्म हुआ। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन थिएटर से बाहर लाने पर मंजू का चेहरा काला पड़ चुका था और उसकी मौत हो चुकी थी परिजनों के अनुसार, मौत के बावजूद अस्पताल कर्मचारियों द्वारा गुब्बारे के माध्यम से ऑक्सीजन दी जा रही थी। जब परिजनों ने इसका कड़ा विरोध किया, तब उन्हें बताया गया कि मरीज की मौत हो चुकी है। यह सुनते ही परिजनों ने अस्पताल परिसर के अंदर जमकर हंगामा किया है। सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय नगर कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। तीन दिन पहले भी खरगूपुर चंदपुर गांव की 40 वर्षीय अनसूया की इलाज के दौरान मौत हो गई थी, तब भी परिजनों ने हंगामा किया था। इस घटना के बाद जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। डॉ देवेंद्र सिंह ने कहा कि पूरे मामले को लेकर जांच कराई जा रही है मौके पर पुलिस के लोग भी पहुंचे हैं। उनके भी द्वारा जांच की जा रही है नवजात बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है।


