जमुई-सिकंदरा मुख्य मार्ग पर बसैया के पास हुए एक सड़क हादसे में घायल महिला की छह दिन बाद मौत हो गई। यह घटना 13 जनवरी को हुई थी, जब एक तेज रफ्तार ऑटो पलट गया था। महिला ने सोमवार, 19 जनवरी को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल जमुई में पोस्टमार्टम कराया और फिर परिजनों को सौंप दिया। मृतका की पहचान सिकंदरा थाना क्षेत्र के पाठक चक गांव निवासी मणि दास की पत्नी गिरिजा देवी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, 13 जनवरी की दोपहर गिरिजा देवी महादेव सिमरिया से ऑटो में सवार होकर जमुई आ रही थीं। बसैया के पास ऑटो चालक ने तेज रफ्तार में वाहन चलाते हुए नियंत्रण खो दिया, जिससे ऑटो पलट गया। इस दुर्घटना में गिरिजा देवी का दाहिना हाथ ऑटो के नीचे दब गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद गिरिजा देवी को तुरंत सदर अस्पताल जमुई में भर्ती कराया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पटना रेफर किया गया था, लेकिन शारीरिक कमजोरी के कारण उन्हें पटना नहीं ले जाया जा सका। इसके बाद उनका इलाज जमुई के एक निजी क्लिनिक में चल रहा था। डॉक्टरों को उनका दाहिना हाथ काटना पड़ा था। डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई थी और खतरे से बाहर होने की बात कही थी। हालांकि, सोमवार सुबह गिरिजा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार में शोक का माहौल है। जमुई-सिकंदरा मुख्य मार्ग पर बसैया के पास हुए एक सड़क हादसे में घायल महिला की छह दिन बाद मौत हो गई। यह घटना 13 जनवरी को हुई थी, जब एक तेज रफ्तार ऑटो पलट गया था। महिला ने सोमवार, 19 जनवरी को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल जमुई में पोस्टमार्टम कराया और फिर परिजनों को सौंप दिया। मृतका की पहचान सिकंदरा थाना क्षेत्र के पाठक चक गांव निवासी मणि दास की पत्नी गिरिजा देवी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, 13 जनवरी की दोपहर गिरिजा देवी महादेव सिमरिया से ऑटो में सवार होकर जमुई आ रही थीं। बसैया के पास ऑटो चालक ने तेज रफ्तार में वाहन चलाते हुए नियंत्रण खो दिया, जिससे ऑटो पलट गया। इस दुर्घटना में गिरिजा देवी का दाहिना हाथ ऑटो के नीचे दब गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद गिरिजा देवी को तुरंत सदर अस्पताल जमुई में भर्ती कराया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पटना रेफर किया गया था, लेकिन शारीरिक कमजोरी के कारण उन्हें पटना नहीं ले जाया जा सका। इसके बाद उनका इलाज जमुई के एक निजी क्लिनिक में चल रहा था। डॉक्टरों को उनका दाहिना हाथ काटना पड़ा था। डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई थी और खतरे से बाहर होने की बात कही थी। हालांकि, सोमवार सुबह गिरिजा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार में शोक का माहौल है।


