Indian Army: 1971 की जीत की गवाह मर्सिडीज, ‘नो योर आर्मी’ मेले में बनी आकर्षण का केंद्र

Indian Army: 1971 की जीत की गवाह मर्सिडीज, ‘नो योर आर्मी’ मेले में बनी आकर्षण का केंद्र

Know Your Army Mela: जयपुर. सेना दिवस परेड–2026 के अवसर पर जयपुर में आयोजित ‘नो योर आर्मी’ मेले में 1971 के भारत–पाक युद्ध की ऐतिहासिक धरोहर लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पाकिस्तान के तत्कालीन पूर्वी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल ए.ए.के. नियाज़ी की मर्सिडीज-बेंज़ स्टाफ कार को पहली बार आम जनता के लिए प्रदर्शित किया गया है। यह वही वाहन है, जिसे 16 दिसंबर 1971 को ढाका में पाकिस्तान के बिना शर्त आत्मसमर्पण के बाद भारतीय सेना ने अपने अधिकार में लिया था।

यह ऐतिहासिक मर्सिडीज केवल एक वाहन नहीं, बल्कि भारत की निर्णायक विजय, भारतीय सेना के अदम्य साहस, सशक्त नेतृत्व और उत्कृष्ट रणनीतिक कौशल की जीवंत प्रतीक है। यह गाड़ी उस क्षण की साक्षी रही है, जब पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तानी सैन्य कमान का पूर्ण पतन हुआ और बांग्लादेश के रूप में एक नए राष्ट्र का उदय हुआ।

वर्तमान में यह वाहन मुख्यालय ईस्टर्न कमांड में युद्ध ट्रॉफी के रूप में संरक्षित है। ‘नो योर आर्मी’ मेले के माध्यम से पहली बार बड़ी संख्या में नागरिकों को इस ऐतिहासिक धरोहर को नजदीक से देखने और उसके गौरवशाली इतिहास को समझने का अवसर मिल रहा है। मेले में पहुंच रहे युवा, विद्यार्थी और परिवार 1971 के युद्ध से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कर देशभक्ति की भावना से प्रेरित हो रहे हैं।

मेले में सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी, जानकारीपूर्ण स्टॉल, संवाद सत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी लोगों को आकर्षित कर रही हैं। यह आयोजन आमजन और सशस्त्र बलों के बीच विश्वास, सम्मान और गर्व की भावना को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है। ‘नो योर आर्मी’ मेला न केवल इतिहास से जोड़ने का माध्यम बन रहा है, बल्कि नई पीढ़ी में राष्ट्र सेवा के प्रति जागरूकता और प्रेरणा भी उत्पन्न कर रहा है।

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