जहानाबाद में नीट की छात्रा के परिवार को लगातार धमकी भरे पर्चे मिलने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। बुधवार को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम छात्रा के घर पहुंची और लगभग डेढ़ घंटे तक गहन जांच की। इस घटना की जांच पहले से ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। 14 और 17 तारीख को मिले था धमकी भरा पर्चा परिवार को 14 तारीख को खिड़की के माध्यम से पहला धमकी भरा पर्चा मिला था। इसमें लिखा था, “ज्यादा नहीं बनो, सब मर जाओगे, सबको जान मार देंगे।” इसके बाद 17 तारीख को एक और पर्चा घर में मिला, जिसमें लिखा था, “नहीं मानेंगे, बेटी भी गई, 2 दिन में बेटा भी मर जाएगा।” इन धमकियों के बाद परिवार दहशत में था और लगातार सुरक्षा की मांग कर रहा था। हालांकि, उनकी सुरक्षा के लिए एक चौकीदार और दो होमगार्ड के जवान तैनात किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं लगातार घट रही थीं। टीम ने कई घंटे की जांच,खिड़की की ऊंचाई मांपी एफएसएल टीम ने बुधवार को पहुंचकर यह जांच की कि पर्चे कैसे फेंके जा रहे थे। टीम ने विशेष रूप से यह जानने का प्रयास किया कि बार-बार एक ही खिड़की से एक ही तरह के पर्चे कैसे फेंके जा रहे हैं। टीम ने कई घंटों तक जांच की, जिसमें खिड़की की ऊंचाई को मापना और विभिन्न बिंदुओं पर पड़ताल करना शामिल था। जहानाबाद में नीट की छात्रा के परिवार को लगातार धमकी भरे पर्चे मिलने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। बुधवार को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम छात्रा के घर पहुंची और लगभग डेढ़ घंटे तक गहन जांच की। इस घटना की जांच पहले से ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। 14 और 17 तारीख को मिले था धमकी भरा पर्चा परिवार को 14 तारीख को खिड़की के माध्यम से पहला धमकी भरा पर्चा मिला था। इसमें लिखा था, “ज्यादा नहीं बनो, सब मर जाओगे, सबको जान मार देंगे।” इसके बाद 17 तारीख को एक और पर्चा घर में मिला, जिसमें लिखा था, “नहीं मानेंगे, बेटी भी गई, 2 दिन में बेटा भी मर जाएगा।” इन धमकियों के बाद परिवार दहशत में था और लगातार सुरक्षा की मांग कर रहा था। हालांकि, उनकी सुरक्षा के लिए एक चौकीदार और दो होमगार्ड के जवान तैनात किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं लगातार घट रही थीं। टीम ने कई घंटे की जांच,खिड़की की ऊंचाई मांपी एफएसएल टीम ने बुधवार को पहुंचकर यह जांच की कि पर्चे कैसे फेंके जा रहे थे। टीम ने विशेष रूप से यह जानने का प्रयास किया कि बार-बार एक ही खिड़की से एक ही तरह के पर्चे कैसे फेंके जा रहे हैं। टीम ने कई घंटों तक जांच की, जिसमें खिड़की की ऊंचाई को मापना और विभिन्न बिंदुओं पर पड़ताल करना शामिल था।


