शहडोल के दक्षिण वनमंडल की टीम ने वन्यजीवों के अंगों और दुर्लभ जीवों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। रविवार को की गई कार्रवाई में कटनी जिले के छह तस्करों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से दो जिंदा पैंगोलिन बरामद किए गए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमत बताई जा रही है। यह कार्रवाई 27 अक्टूबर 2025 को शहडोल के जैतपुर परिक्षेत्र में दर्ज पैंगोलिन तस्करी के एक पुराने मामले से जुड़ी है। उस मामले की गहन जांच के दौरान वन विभाग को पुख्ता सुराग मिले थे, जिनके आधार पर इस तस्कर नेटवर्क पर नजर रखी जा रही थी। तस्करों की गिरफ्तारी दो चरणों में की गई। पहले चरण में वन टीम ने दमोह जिले के सागौनी-कुश्मी मार्ग पर जाल बिछाया। वहां से बहोरीबंद निवासी प्रेमलाल राय (53) को एक जिंदा पैंगोलिन के साथ पकड़ा गया। पूछताछ में प्रेमलाल ने अपने अन्य साथियों और कटनी में सक्रिय नेटवर्क के बारे में जानकारी दी। प्रेमलाल से मिली जानकारी के आधार पर टीम ने शहडोल-कटनी मार्ग पर दबिश दी। यहां एक बोरे में दूसरा जिंदा पैंगोलिन लिए पांच अन्य आरोपी ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। वन अमले को देखते ही आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी कटनी जिले के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी हैं। इनमें जगतपुर उमरिया के मुन्ना सिंह (65) और मोहन सिंह (60), कांटी के शिवप्रसाद विश्वकर्मा (53), लमतरा फाटक के साबिर खान (48) और खितौली बरही के जयलाल केवट (67) शामिल हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पैंगोलिन वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत ‘शेड्यूल-1’ का जीव है। यह बाघ के समान ही संरक्षित श्रेणी में आता है। इसकी तस्करी करने पर सात साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। विभाग अब इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और संभावित खरीदारों की तलाश कर रहा है।


