ललितपुर में पांच साल पुराने युवक की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो) ने मृतक की पत्नी दीपमाला और उसके प्रेमी जयराम सेन को हत्या का दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाने के लिए 13 जनवरी की तारीख तय की है। अपर जिला एवं शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र सिंह गौर ने बताया कि घटना 15 दिसंबर 2020 की सुबह सामने आई थी, जब कोतवाली सदर क्षेत्र अंतर्गत बुधवार नहर के पास एक युवक का शव मिला था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव की शिनाख्त कराई। काशीराम आवास कॉलोनी, गल्ला मंडी निवासी शुभम खरे ने शव की पहचान अपने मामा मनोज निगम (38 वर्ष), पुत्र रामबाबू निगम के रूप में की थी। शुभम ने पुलिस को बताया था कि 14 दिसंबर की रात मनोज को मोहल्ले में देखा गया था, जिसके बाद वह घर नहीं लौटे। पुलिस की जांच में हुआ खुलासा विवेचना के दौरान मृतक की पत्नी दीपमाला और उसके प्रेमी जयराम सेन का नाम सामने आया। पुलिस जांच में सामने आया कि जयराम सेन शादानशाह क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में काम करता था, जहां दीपमाला भी कार्यरत थी। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए थे। पूछताछ में जयराम ने बताया कि दीपमाला ने ही उसे हत्या की योजना के बारे में बताया था। 14 दिसंबर की रात वह मोटरसाइकिल लेकर मनोज के घर पहुंचा और फूफा को हार्ट अटैक आने का बहाना बनाकर उसे भोपाल ले जाने की बात कहकर बुधवार नहर तक ले गया। नशे की हालत में की हत्या जयराम ने बताया कि नहर की पुलिया पर उसने मनोज को बैठाकर शराब पिलाई। नशे की हालत में आने के बाद उसने धारदार हथियार से मनोज के सिर और गर्दन पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के दौरान जयराम को भी चोटें आई थीं। हत्या के बाद वह शव को पुलिया के पास छोड़कर दीपमाला के पास पहुंचा और मनोज की हत्या की जानकारी दी। पुलिस ने इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और विवेचना पूर्ण कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। गुरुवार को हुई अंतिम सुनवाई के दौरान प्रस्तुत गवाहों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश नवनीत कुमार भारती ने दीपमाला और जयराम सेन को मनोज निगम की हत्या का दोषी पाया। अब दोनों आरोपियों को 13 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।


