Khamenei Dead Body : ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी महायुद्ध के बीच एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। ईरान के सबसे ताकतवर और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार सुरक्षा कारणों से टल गया है। हाल ही में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए एक संयुक्त और विनाशकारी हवाई हमले में उनकी मौत हो गई थी। इस खबर के बाद से पूरे मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में कोहराम मचा हुआ है। हालांकि, सबसे बड़ा सस्पेंस उनकी डेड बॉडी (Khamenei Dead Body) को लेकर बना हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों और अमेरिका-इजरायल के आगे के हमलों के खौफ से ईरान ने अंतिम संस्कार की तारीख को फिलहाल आगे बढ़ा दिया है। चर्चा है कि ईरान प्रशासन इस बात से डरा हुआ है कि अगर लाखों की भीड़ अंतिम संस्कार में शामिल होती है, तो डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू की सेना उस जनाजे या भीड़ को भी अपना निशाना बना सकती है। यही वजह है कि अयातुल्ला खामेनेई के पार्थिव शरीर को अभी किसी बेहद सुरक्षित और गुप्त जगह पर रखा गया है। ईरान की अवाम अपने सर्वोच्च नेता के अंतिम दर्शन करना चाहती है, लेकिन खतरे को देखते हुए उन्हें घरों में रहने की हिदायत दी गई है।
पूरे ईरान में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया
इस बड़ी घटना के बाद पूरे ईरान में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। ईरानी सेना (IRGC) के टॉप कमांडर और बड़े राजनेता अज्ञात स्थानों पर लगातार गुप्त बैठकें कर रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि खामेनेई का उत्तराधिकारी कौन होगा और देश की कमान कौन संभालेगा? ईरान की सरकार ने पूरे देश में पांच दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर दी है। सरकार का पहला फोकस देश की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाना और इजरायल-अमेरिका को करारा जवाब देने की रणनीति तैयार करना है। सूत्र बताते हैं कि जब तक युद्ध के हालात थोड़े शांत नहीं हो जाते, तब तक अंतिम संस्कार को बेहद सादगी और पूरी तरह से गुप्त तरीके से पूरा किया जा सकता है।
पूरी दुनिया के शिया समुदाय में भारी आक्रोश और शोक की लहर
अयातुल्ला खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही पूरी दुनिया के शिया समुदाय में भारी आक्रोश और शोक की लहर दौड़ गई है। इराक सरकार ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। वहीं, भारत में भी इसके कड़े रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं। कश्मीर के श्रीनगर में लोग सड़कों पर उतर आए और ऐतिहासिक लाल चौक पर अमेरिका तथा इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के लखनऊ, बिजनौर और मध्य प्रदेश के इंदौर में भी भारी विरोध प्रदर्शन हुए हैं। लोगों ने हाथों में काले झंडे लेकर और जंजीरों से सीना पीटकर अपना गहरा दुख और गुस्सा जाहिर किया है। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हैं।
पूरी दुनिया तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही
इस पूरी घटना का एक अलग और बेहद चौंकाने वाला पहलू वह ‘सीक्रेट मिशन’ है जिसने रातों-रात दुनिया का भूगोल बदल कर रख दिया। डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू ने जिनेवा में बातचीत विफल होने के बाद इस भीषण हमले की रणनीति बनाई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब अयातुल्ला खामेनेई तेहरान में अपने अंडरग्राउंड बंकर में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा बैठक कर रहे थे, ठीक उसी समय इजरायल और अमेरिका के फाइटर जेट्स ने अचूक मिसाइलों से सटीक हमला कर दिया। इजरायली खुफिया एजेंसियों (मोसाद) की यह अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। इस हमले के बाद शेयर बाजार धड़ाम हो गए हैं, कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और पूरी दुनिया तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है।


