NEET Student Rape-Death Case: पटना के चर्चित NEET छात्रा रेप और मौत केस में गुरुवार को कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े इस बेहद विवादित केस में जेल में बंद मनीष रंजन की बेल याचिका पर करीब एक घंटे तक बहस हुई, लेकिन कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया और बेल याचिका खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अब तक की जांच पर गंभीर सवाल उठाए और पुलिस को फटकार लगाई। कोर्ट ने जांच अधिकारियों से तीखे सवाल भी किए।
जांच में लापरवाही पर कोर्ट के तीखे सवाल
बेल सुनवाई के दौरान पटना पुलिस की तरफ से सचिवालय SDPO-1 अन्नू कुमारी और CBI टीम मौजूद थी। कोर्ट ने जांच में देरी और सबूतों से संभावित छेड़छाड़ के लिए पुलिस की आलोचना की। उन्होंने कहा, “जांच में अब तक इतनी लापरवाही क्यों दिखाई गई है? हालात को देखते हुए क्यों न आप (जांच अधिकारियों) पर ही केस दर्ज कर दिया जाए?”
कोर्ट ने जांच में देरी और शुरुआती स्टेज में सबूतों को सुरक्षित न रखने पर नाराजगी जताई। सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट ने पूछा, “अगर जांच में लापरवाही पाई गई थी, तो जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की गई?” क्या सबूतों को सुरक्षित रखने में कोई बड़ी चूक हुई थी?” मामले की अगली सुनवाई 28 फरवरी को होनी है।
43 दिनों से जेल में है मनीष
मनीष रंजन, जो उस बिल्डिंग का मालिक है जहां शंभू गर्ल्स हॉस्टल चलता था, पिछले 43 दिनों से पटना की बेउर जेल में बंद है। पुलिस ने मनीष को छात्रा की मौत के तीन दिन बाद 14 जनवरी को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उसके असर की वजह से उसे तुरंत हिरासत में नहीं लिया गया। पुलिस ने उसे सबूतों से छेड़छाड़ के शक में गिरफ्तार किया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया। तब से वह जेल में है।
इन सवालों का जवाब ढूंढ रही CBI
मामला अब CBI के हाथ में है, और एजेंसी गहराई से पूरे केस की जांच कर रही है। CBI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या छात्रा के साथ रेप हुआ था। अगर हुआ था, तो क्या हुआ था वह पटना में हुई या जहानाबाद में? अगर किसी के साथ सेक्सुअल रिलेशनशिप था, तो क्या यह सहमति से था? क्या छात्रा का परिवार कुछ छिपाने की कोशिश कर रहा है? पुलिस ने उन कपड़ों को लेने में देरी क्यों की जिन पर स्पर्म मिलने की बात कही जा रही थी? पुलिस ने संदिग्ध कपड़ों को तुरंत जब्त क्यों नहीं किया?


