“मैं ही क्यों इश्क जाहिर करूं…” रील से रातों-रात वायरल होने वाली नेशनल प्लेयर दीपा भट्ट की असली कहानी

“मैं ही क्यों इश्क जाहिर करूं…” रील से रातों-रात वायरल होने वाली नेशनल प्लेयर दीपा भट्ट की असली कहानी

Deepa Bhatt Inspirational Journey: आज हम एक ऐसी महिला के बारे में बात करने जा रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद काफी चर्चा में आईं। इसके बाद से जहां एक तरफ लोग उनकी सराहना करते नहीं थक रहे थे वहीं दूसरी तरफ लोग कहते थे, “आप एक आर्मी मेजर जनरल की पत्नी हैं, आपके बच्चे विदेश में पढ़ रहे हैं, आप खुद इतनी पढ़ी-लिखी हैं और नेशनल प्लेयर रही हैं, तो आपको एक गंभीर और सीमित दायरे वाली जिंदगी जीनी चाहिए।” लेकिन इन सब बातों पर बिना ध्यान दिए दीपा भट्ट ने अपनी क्रिएटिविटी से इस पुरानी सोच को चुनौती दी है। बरेली के एक छोटे से गांव में पैदा होने से लेकर दिल्ली जैसे बड़े शहर में ‘मिस JDM’ बनने और फिर ‘मिरेकल बूगी-वूगी’ की गोल्ड मेडलिस्ट बनने तक का सफर तय करने के बाद अब इंस्टाग्राम पर @deepabhatt2106 के नाम से चैनल बनाकर दीपा जी ने यह साबित कर दिया है कि उम्र और घर की जिम्मेदारियां आपके सपनों के आड़े नहीं आ सकतीं। 14 बार नेशनल वॉलीबॉल खेल चुकीं दीपा जी आज सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी एक अलग जगह बना रही हैं। आइए जानते हैं दीपा जी से उनके बारे में विस्तार से।

सवाल: दीपा जी, आपकी एक रील “मैं ही क्यों इश्क जाहिर करूं, कभी तू भी तो बोल दे” बहुत वायरल हुई। आजकल कई लोग रील बनाने को बस टाइम-पास समझते हैं, आप उन्हें क्या कहना चाहेंगी?

दीपा भट्ट: देखिए, जब मैंने रील बनाना शुरू किया, तो कई लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते थे। शुरुआत में बच्चों के दूर होने की वजह से यह मेरे लिए टाइम-पास करने का एक जरिया था, लेकिन धीरे-धीरे यह मेरा हुनर दिखाने का तरीका बन गया। मैं एक डांसर हूं, स्पोर्ट्स पर्सन रही हूं, तो अपनी आर्ट को लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया से अच्छा प्लेटफॉर्म और क्या हो सकता है? आज वही लोग जो इसे गलत समझते थे, मेरी मेहनत देखकर हैरान रह जाते हैं।

सवाल: आप एक मेजर जनरल की वाइफ हैं, पति देश की सेवा में हैं और बच्चे US में पढ़ रहे हैं। क्या कभी ऐसा लगा कि लोग इस बारे में क्या सोचेंगे?

दीपा भट्ट: सच कहूं तो नहीं। मेरा परिवार ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मेरे पति मेजर जनरल टंक प्रसाद भट्ट जी ने हमेशा मेरा साथ दिया और मेरे बच्चे तो मेरे सबसे बड़े फैन हैं। रही बात लोगों की, तो अगर आप कुछ अच्छा और क्रिएटिव कर रहे हैं, तो लोग खुद-ब-खुद आपकी इज्जत करने लगते हैं। आर्मी फैमिली से होने की वजह से मेरे काम में एक अनुशासन रहता है, जो मेरी रील्स में भी दिखता है।

Deepa Bhatt
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सवाल: आपका बचपन बरेली के पास एक छोटे से गांव दोथराचंदनी में बीता और फिर दिल्ली में पढ़ाई हुई। ये गांव और शहर का मेल आपकी लाइफ में क्या मायने रखता है?

दीपा भट्ट: मेरा गांव मेरी जड़ें हैं और दिल्ली ने मुझे पंख दिए। गांव की सादगी और दिल्ली का कॉन्फिडेंस, इन दोनों ने मिलकर मुझे आज वो बनाया है जो मैं हूं। चाहे मैं स्कूल में बच्चों की एक्टिविटीज देख रही हूं या इंस्टाग्राम के लिए शूट कर रही हूं, मैं अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलती।

सवाल: जो महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के बीच अपनी पहचान खो देती हैं, उन्हें आप क्या सलाह देंगी?

दीपा भट्ट: मैं बस इतना ही कहूंगी कि आप सिर्फ किसी की पत्नी या मां नहीं हैं, आपकी खुद की भी एक पहचान है। जैसे मैंने 14 बार नेशनल खेला और गोल्ड मेडल जीते, वैसे ही आपमें भी कोई न कोई टैलेंट जरूर होगा। उसे बाहर लाइए। वक्त कभी कम नहीं होता, बस उसे सही जगह लगाने की हिम्मत चाहिए।

सवाल: दीपा जी, वॉलीबॉल के मैदान में 14 बार नेशनल खेलना कोई छोटी बात नहीं है। खेल की उस फाइटिंग स्पिरिट ने आपको सोशल मीडिया की ट्रोलिंग या निगेटिव कमेंट्स से लड़ने में कितनी मदद की?

दीपा भट्ट: हां मेरे स्पोर्ट्स के फाइटिंग स्पिरिट ने मुझे नेगेटिविटी से लड़ने के लिए काफी ज्यादा मदद शुरुआत में की लेकिन इससे भी ज्यादा मिलने वाले पॉजिटिव रिस्पांस ने मदद की है जिसकी वजह से मैंने कभी पीछे मुड़ के नहीं देखा।

Deepa Bhatt
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सवाल: इंस्टाग्राम के अलावा, क्या आप अपनी इस कला को किसी बड़े मंच या एकेडमी के जरिए आगे ले जाने का सोच रही हैं?

दीपा भट्ट: मुझे बड़े मंच पर ले जाने का मौका कई बार पहले मिल चुका है लेकिन घर और बच्चों की जिम्मेदारी के बीच कहीं ना कहीं मैंने ही समझौता कर लिया लेकिन अब अगर दोबारा मिलता है तो हां मैं जरूर करना चाहूंगी।

सवाल: आपकी रील शूट कौन करता है? क्या कभी जनरल साहब ने आपका कैमरामैन बनने में मदद की है?

दीपा भट्ट: सच कहूं तो मेरी सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ मेरे पति का ही है। दरअसल काबिलियत तो सभी औरतों में होती है लेकिन पति का साथ मिलने पर आपकी काबिलियत आपकी पहचान बन जाती है और मेरी इस पहचान के पीछे मेरे पति का सबसे बड़ा हाथ है। लोगों को लगता है शादी करना जिंदगी का खत्म हो जाना होता है लेकिन मेरे हिसाब से अगर सही इंसान से शादी हो जाए तो आपकी जिंदगी पहले से भी अच्छी हो जाती है।

सवाल: जब लोग आपकी रील में जनरल साहब को खाना बनाते देखते हैं, तो कुछ लोग आपको ट्रोल भी करते हैं। इस पर आप क्या कहेंगी?

दीपा भट्ट: देखिए, किसी के भी सफलता के पीछे किसी ना किसी का हाथ जरूर होता है वैसे ही मेरी सफलता के पीछे मेरे पति का हाथ है। और रही बात किचन में काम करने की तो वे खुद ही अपनी मर्जी से मेरे लिए खाना बनाते हैं। और मेरे हिसाब से आज के समय में अगर बाहर के साथ-साथ घर का भी काम कपल्स मिल जुलकर करें तो शादी को अच्छे से चलाने का इससे बड़ा कोई सीक्रेट नहीं हो सकता है। घर दोनों का है तो घर के काम भी तो दोनों के हुए।

सवाल: दीपा जी, शाहरुख खान के गाने “मैं ही क्यों इश्क जाहिर करूं” पर आपकी रील इतनी पॉपुलर हुई कि लोग कमेंट्स में लिखते हैं ” आपका इस गाने पर कॉपीराइट होना चाहिए” जब आप ऐसे कमेंट्स पढ़ती हैं, तो आपका क्या रिएक्शन होता है?

दीपा भट्ट: सच बताऊं तो काफी ज्यादा अच्छा लगता है क्योंकि जिस सपने को मैं इतने सालों पहले छोड़ आई थी उसे अब पूरा करने का मौका मिल रहा है रही बात शाहरुख खान के गाने की तो उनकी तो मैं बहुत बड़ी फैन हूं इसलिए अच्छा ही लगता है।

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