संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का गोल्डन वीजा कार्यक्रम भारतीय निवेशकों और पेशेवरों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। वर्ष 2021 के बाद से इस वीजा की मांग में भारी वृद्धि देखी गई है। खासकर तब, जब इसकी पात्रता को केवल प्रॉपर्टी निवेश तक सीमित न रखकर अन्य निवेश और पेशेवर श्रेणियों तक बढ़ा दिया गया। लंबे समय तक रहने की सुविधा, कर संबंधी लाभ और वैश्विक कारोबार के बेहतर अवसरों के कारण भारतीय अब बड़ी संख्या में यूएई के इस निवेशक निवास कार्यक्रम की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
ध्यान देने वाली बातें
-गोल्डन वीजा के लिए न्यूनतम निवास अवधि अनिवार्य नहीं है।
-वीजा की वैधता तब तक रहती है, जब तक पात्रता की शर्ते पूरी होती रहे।
-यह कार्यक्रम सीधे नागरिकता का रास्ता नहीं देता।
ये हैं प्रमुख फायदे
लंबी अवधि का निवास : गोल्डन वीजा के जरिए लंबे समय तक यूएई में रहने की अनुमति मिलती है।
परिवार को स्पॉन्सर करने की सुविधा : वीजा धारक अपने परिवार के सदस्यों को भी साथ रख सकता है।
नियोक्ता से स्वतंत्रता: नौकरी बदलने या व्यवसाय करने की स्वतंत्रता रहती हैं।
व्यवसाय शुरू करने में आसानी: यूएई में कंपनी स्थापित करने और कारोबार विस्तार के बेहतर अवसर मिलते हैं।
निवेश की शर्तें
रियल एस्टेट निवेशः कम से कम 4.95 करोड़ रुपये की संपत्ति में निवेश करना आवश्यक।
बिजनेस/स्टार्टअप: किसी स्वीकृत कंपनी या स्टार्टअप में भी 2 मिलियन एईडी का निवेश किया जा सकता है।
आवेदन प्रक्रिया
-आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जाता है।
-प्रक्रिया में पात्रता जांच, आवेदन, मेडिकल जांच और बायोमेट्रिक शामिल होते हैं।
-आमतौर पर आवेदन के बाद 5 से 10 दिन में मंजूरी मिल सकती है।
टैक्स व्यवस्था: यहां इंडिविजुअल इनकम टैक्स शून्य है, जो निवेशकों के लिए बड़ा आकर्षण है।


