पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की कोलकाता पर हमले की धमकी के बाद अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार और नरेंद्र मोदी पर चुप्पी को लेकर तीखा हमला बोला।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) द्वारा कोलकाता पर संभावित हमले की धमकी के बाद भारत में राजनीति और बयानबाजी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने सोमवार (6 अप्रैल 2026) को इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला।
सिलीगुड़ी रैली में गरजे अभिषेक बनर्जी
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पाकिस्तान के मंत्री की धमकी के बावजूद केंद्र सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने आक्रामक लहजे में कहा कि उन्होंने ख्वाजा आसिफ का नाम अपनी लिस्ट में दर्ज कर लिया है और यदि ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के नेतृत्व में INDIA गठबंधन सत्ता में आता है, तो वे कड़ी कार्रवाई करेंगे।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
अभिषेक बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi), गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पाकिस्तान से सीधी धमकी मिल रही है, तब भी केंद्र सरकार के नेता चुप हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह अक्सर बंगाल के लोगों को बांग्लादेशी और पाकिस्तानी कहते हैं, लेकिन जब पाकिस्तान की ओर से धमकी आती है, तो वे कोई प्रतिक्रिया नहीं देते।
क्या कहा था ख्वाजा आसिफ ने?
दरअसल, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सियालकोट में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच भविष्य में कोई भी संघर्ष सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि भारत कोई झूठा अभियान चलाता है, तो पाकिस्तान जवाब कोलकाता तक दे सकता है।
भारत की ओर से क्या प्रतिक्रिया आई?
हालांकि इस बयान पर भारत सरकार की ओर से सीधे तौर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पाकिस्तान की किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए भारत की सख्त नीति को दोहराया था।
चुनाव से पहले सियासी माहौल गर्म
अभिषेक बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल बेहद गर्म है। 294 सीटों वाली विधानसभा के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा, इसकी गिनती 4 मई को की जाएगी। इस बीच, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।


