लालू यादव क्यों RJD अध्यक्ष पद छोड़ रहे:हार की थकान, तेजस्वी को पूरी कमान, पार्टी में बदलाव, 5 पॉइंट में समझिए वजह

लालू यादव क्यों RJD अध्यक्ष पद छोड़ रहे:हार की थकान, तेजस्वी को पूरी कमान, पार्टी में बदलाव, 5 पॉइंट में समझिए वजह

25 जनवरी मतलब आज पटना के एक होटल में RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है। इसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव को कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया जाएगा। लालू प्रसाद यादव स्वास्थ्य कारणों से आगे अध्यक्ष नहीं रहना चाहते। लालू अपना कार्यकाल पूरा होने (2028) तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहेंगे। उसके बाद तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाएगा। हालांकि, वह एक औपचारिकता भर होगी। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में तेजस्वी के पास राष्ट्रीय अध्यक्ष जितनी ताकत पहले से होगी। लालू प्रसाद क्यों RJD के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटना चाह रहे? 5 पॉइंट में समझिए। 1. लालू की छवि से पार्टी को बाहर निकालने की कोशिश 2. बीमारी के साथ ही कोर्ट से भी परेशान हैं लालू लालू प्रसाद शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो चुके हैं। साथ ही कोर्ट के चक्कर से भी परेशान हैं। चारा घोटाला में सजायाफ्ता हैं। इसके अलावा लैंड फॉर जॉब और आईआरसीटीसी घोटाला में भी घिरे हुए हैं। 3. विधानसभा चुनाव में लालू जहां गए, वहां महागठबंधन हारा 4. कांग्रेस लालू के प्रभाव से दूर होने में लगी रही 5. परिवार की तनातनी बेकाबू हुई, नहीं संभाल सके लालू बदली हुई राजनीति समझ नहीं पाए लालू यादव सीनियर जर्नलिस्ट प्रवीण बागी कहते हैं, ‘लालू प्रसाद की शारीरिक अवस्था उन्हें अब अनुमति नहीं दे रही कि सक्रिय रह सकें। यह समय आरजेडी के लिए आत्मनिरीक्षण का है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पार्टी की बड़ी हार हुई है।’ उन्होंने कहा, ‘यह राजद में परिवर्तन का समय है। अभी तक लालू पार्टी के फेस थे, लेकिन अब अपनी छत्रछाया से आरजेडी को मुक्त कर रहे हैं और तेजस्वी को कमान दे रहे हैं। तेजस्वी को पूरा मौका देने जा रहे हैं। उनके सामने कोई विकल्प भी नहीं है।’
हारे ही नहीं, थक भी चुके हैं लालू सीनियर जर्नलिस्ट ओम प्रकाश अश्क कहते हैं, ‘लालू प्रसाद बिहार ही नहीं देश की राजनीति का बड़ा चेहरा थे। अब वे हार भी चुके हैं और थक भी। शारीरिक रूप से वे थके हुए दिखते हैं।’ 25 जनवरी मतलब आज पटना के एक होटल में RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है। इसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव को कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया जाएगा। लालू प्रसाद यादव स्वास्थ्य कारणों से आगे अध्यक्ष नहीं रहना चाहते। लालू अपना कार्यकाल पूरा होने (2028) तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहेंगे। उसके बाद तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाएगा। हालांकि, वह एक औपचारिकता भर होगी। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में तेजस्वी के पास राष्ट्रीय अध्यक्ष जितनी ताकत पहले से होगी। लालू प्रसाद क्यों RJD के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटना चाह रहे? 5 पॉइंट में समझिए। 1. लालू की छवि से पार्टी को बाहर निकालने की कोशिश 2. बीमारी के साथ ही कोर्ट से भी परेशान हैं लालू लालू प्रसाद शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो चुके हैं। साथ ही कोर्ट के चक्कर से भी परेशान हैं। चारा घोटाला में सजायाफ्ता हैं। इसके अलावा लैंड फॉर जॉब और आईआरसीटीसी घोटाला में भी घिरे हुए हैं। 3. विधानसभा चुनाव में लालू जहां गए, वहां महागठबंधन हारा 4. कांग्रेस लालू के प्रभाव से दूर होने में लगी रही 5. परिवार की तनातनी बेकाबू हुई, नहीं संभाल सके लालू बदली हुई राजनीति समझ नहीं पाए लालू यादव सीनियर जर्नलिस्ट प्रवीण बागी कहते हैं, ‘लालू प्रसाद की शारीरिक अवस्था उन्हें अब अनुमति नहीं दे रही कि सक्रिय रह सकें। यह समय आरजेडी के लिए आत्मनिरीक्षण का है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पार्टी की बड़ी हार हुई है।’ उन्होंने कहा, ‘यह राजद में परिवर्तन का समय है। अभी तक लालू पार्टी के फेस थे, लेकिन अब अपनी छत्रछाया से आरजेडी को मुक्त कर रहे हैं और तेजस्वी को कमान दे रहे हैं। तेजस्वी को पूरा मौका देने जा रहे हैं। उनके सामने कोई विकल्प भी नहीं है।’
हारे ही नहीं, थक भी चुके हैं लालू सीनियर जर्नलिस्ट ओम प्रकाश अश्क कहते हैं, ‘लालू प्रसाद बिहार ही नहीं देश की राजनीति का बड़ा चेहरा थे। अब वे हार भी चुके हैं और थक भी। शारीरिक रूप से वे थके हुए दिखते हैं।’  

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