Why Gold Wrapped In Pink Paper: सोने चांदी के गहनों पर गुलाबी रैपर क्यों? जानिए इसके पीछे की साइंस

Why Gold Wrapped In Pink Paper: सोने चांदी के गहनों पर गुलाबी रैपर क्यों? जानिए इसके पीछे की साइंस

Why Gold Wrapped In Pink Paper: अगर आपने भी कभी सोने या चांदी की ज्वेलरी खरीदी है तो देखा होगा कि उसे अक्सर गुलाबी पेपर में लपेटकर दिया जाता है। छोटे ज्वेलर की दुकान हो या बड़ा शो रूम, यह पिंक रैपर लगभग हर जगह नजर आता है। देखने में सिंपल लगता है, लेकिन इसे इस्तेमाल करने की एक खास वजह है। इसके पीछे साइंस जुड़ी हुई है, जो गहनों की सुरक्षा और चमक दोनों को बनाए रखने में मदद करती है।

क्यों करते थे गुलाबी पेपर का इस्तेमाल ?

पहले जब पैकेजिंग की सुविधा नहीं थी, तब ज्वेलर्स ज्वेलरी को अलग पहचान देने के लिए गुलाबी कागज का इस्तेमाल करते थे। दुकान में कई तरह का सामान होता था, ऐसे में पिंक पेपर से लिपटा पैकेट देखते ही समझ आ जाता था कि अंदर कीमती गहना है। ग्राहकों के मन में भी यह छवि बैठ गई कि गुलाबी कागज में लिपटा मतलब गोल्ड या सिल्वर ज्वेलरी। समय के साथ यह रंग शान, लग्जरी और खासियत का प्रतीक बन गया। ज्वेलर्स का मानना है कि दूसरे कलर के पेपर में रखने से सोना और चांदी का रॉयल लुक नहीं आता था। गहनें उतने खूबसूरत और चमकदार नहीं लगते जितने पिंक पेपर पर लगते हैं।

साइंस से जुड़ा है पेपर का राज

गुलाबी कागज सिर्फ पहचान के लिए नहीं होता। ज्वेलर्स मानते हैं कि यह गहनें को हवा और नमी से बचाता है। हवा में मौजूद नमी और धूल चांदी को जल्दी खराब कर सकती है और सोने की चमक भी कम हो सकती है। यह पेपर गहनों के चारों तरफ एक हल्की परत बना देता है, जिससे बाहर की हवा कम लगती है।

सुरक्षा के लिए

गहनों को रखते और निकालते समय हल्की रगड़ लगने का डर रहता है। ये मुलायम गुलाबी कागज रगड़ नहीं लगने देता। स्टोरेज के दौरान यह धूल और उमस से भी बचाव करता है। छोटे ज्वेलर्स आज भी यही तरीका अपनाते हैं। हालांकि आजकल सब लोग वेलवेट बॉक्स, एंटी टार्निश पाउच में समान रख कर देते हैं, लेकिन कई जगह पिंक पेपर आज भी यूज किया जाता है।

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