पाकिस्तान सेना बलूचिस्तान के नोश्की शहर के काजियाबाद इलाके में स्थित इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) हेडक्वार्टर के पास कई बिल्डिंगों को गिरा दिया है। इससे वहां रहने वालों के बीच खलबली मच गई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इंटेलिजेंस कंपाउंड के पास बनी कई बिल्डिंग्स को सिक्योरिटी फोर्स ने जबरन गिरा दिया। वहीं, अधिकारियों ने आस-पास के घरों में रहने वाले लोगों को खाली करने का नोटिस भी दिया है। जिसमें उन्हें एक तय समय में घर खाली करने का निर्देश दिया गया है।
नोटिस में क्या कहा गया?
नोटिस में लिखा है कि डेडलाइन खत्म होने के बाद इन घरों को गिरा दिया जाएगा। बता दें कि पिछले कुछ दिनों में, पाकिस्तानी सिक्योरिटी वालों ने नोश्की और आस-पास के इलाकों में एक्सप्लोसिव और भारी इक्विपमेंट का इस्तेमाल करके चार घरों को गिरा दिया है।
किन किन लोगों के घर गिराए गए
गिराई गई प्रॉपर्टीज में बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लीडर बशीर जेब बलूच का पुश्तैनी घर और कुछ पॉलिटिकल लोगों से जुड़े घर शामिल बताए गए हैं। ग्वादर और केच जिलों में भी ऐसे ही मामले सामने आए हैं। जहां घरों में आग तक लगा दी गई है।
लोगों ने यह भी बताया कि नोशकी में हर दिन शाम 6 बजे से कर्फ्यू लगा हुआ है। लोकल लोगों के मुताबिक, सिक्योरिटी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक लोग देश के सपोर्ट में रैली नहीं करते और अपने घरों व कमर्शियल जगहों पर पाकिस्तानी झंडे नहीं फहराते, तब तक पाबंदियां लागू रहेंगी।
31 जनवरी को बीएलए ने की थी कार्रवाई
ये घटनाक्रम 31 जनवरी को बलूच लिबरेशन आर्मी के एक ऑपरेशन के तहत किए गए कोऑर्डिनेटेड हमलों के बाद हुई हैं, जिसे उसने ‘ऑपरेशन हेरोफ’ नाम दिया था। कहा जाता है कि ये हमले नोशकी समेत बलूचिस्तान के कई शहरों में हुए थे।
उस समय जारी बयानों में, BLA ने दावा किया था कि उसके लड़ाकों ने कैंपेन के दौरान नोशकी के कुछ हिस्सों पर कुछ समय के लिए कब्जा कर लिया था। ग्रुप ने शहर में पाकिस्तानी मिलिट्री ठिकानों और ISI हेडक्वार्टर को निशाना बनाकर कई हमले किए।


