Samay Raina On Amitabh Bachchan: मशहूर कॉमेडियन समय रैना अपनी बेबाकी और ‘डार्क ह्यूमर’ के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में अपने शो “स्टिल अलाइव” के दौरान समय ने टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) में अपनी उपस्थिति को लेकर कुछ ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। समय ने बताया कि नेशनल टीवी पर ‘सभ्य’ दिखने के लिए उन्होंने अमिताभ बच्चन के सामने कई बड़े झूठ बोले थे। साथ ही उन्होंने बताया कि जब वह अमिताभ बच्चन के सामने बैठे थे तो उनके दिमाग में कई सारे जोक आ रहे थे। जिसमें से एक अभिषेक बच्चन के करियर को लेकर था।
अमिताभ बच्चन से बोला झूठ (Samay Raina On Amitabh Bachchan)
जनवरी 2025 में समय रैना, तन्मय भट्ट और भुवन बाम KBC 16 में पहुंचे थे। वहां समय ने बिग बी से कहा था कि उनकी दादी उनकी बहुत बड़ी फैन हैं। अब समय ने इस राज से पर्दा उठाते हुए कहा, “मेरी दादी को मरे हुए 7 साल हो चुके हैं। मैंने वह सब सिर्फ ‘रूम प्ले’ करने के लिए कहा था। भारतीय इंटरनेट पर आप हमेशा ईमानदार नहीं रह सकते, आपको माहौल के हिसाब से ढलना पड़ता है।”
समय ने मजाकिया लहजे में बताया कि वह हर जगह अपनी ‘हरामी’ इमेज के लिए जाने जाते हैं, इसलिए उन्होंने सोचा कि KBC जैसे बड़े मंच पर एक ‘क्लीन और अच्छे लड़के’ का रोल निभाएंगे तो लोग उन्हें ‘वर्सटाइल क्रिएटर’ समझेंगे।

अभिषेक के करियर पर करना चाहते थे बात (Samay Raina Roasts Amitabh Bachchan)
शो के दौरान समय ने बताया कि हॉट सीट पर बैठे हुए उनके दिमाग में कई उल्टे-सीधे ख्याल और जोक्स आ रहे थे, जिन्हें उन्होंने बहुत मुश्किल से खुद को शांत किया था। समय ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि वह अमिताभ बच्चन से क्या पूछना चाहते थे। उन्होंने कहा, “मेरे मन में आया कि सर से पूछूं- सर, आपने पोलियो का इतना ऐड किया, फिर भी अपने बेटे अभिषेक बच्चन को अपने पैरों पर क्यों नहीं खड़ा कर पाए?”
हालांकि, समय ने यह जोक मंच पर नहीं मारा, लेकिन अब उनके इस बयान का वीडियो वायरल हो रहा है। उन्होंने समझाया कि उनके जैसा ‘नॉन-वेजिटेरियन’ गाली-गलौज वाला कंटेंट बनाने वाला शख्स जब ‘वेज’ साफ-सुथरा बनने की कोशिश करता है, तो वह बहुत अजीब लगता है।
इमेज और क्रेडिबिलिटी का खेल
समय ने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का उदाहरण देते हुए कहा कि जब रणवीर अल्लाहबादिया (BeerBiceps) जैसे ‘साफ-सुथरी’ इमेज वाले लोग अचानक गाली-गलौज करते हैं, तो दर्शक उसे स्वीकार नहीं कर पाते। उन्होंने इसे एक सटीक उदाहरण से समझाया— “एक नॉन-वेजिटेरियन इंसान वेज खाना खा सकता है, लेकिन अगर कोई शाकाहारी जबरदस्ती नॉन-वेज खाएगा, तो उसे उल्टी ही आएगी।”



