WHO ने उठाया बड़ा कदम, गाजा में मेडिकल एवाकुएशन पर अस्थाई रोक, कॉन्ट्रैक्ट वर्कर की मौत के बाद लिया फैसला

WHO ने उठाया बड़ा कदम, गाजा में मेडिकल एवाकुएशन पर अस्थाई रोक, कॉन्ट्रैक्ट वर्कर की मौत के बाद लिया फैसला

Medical situation in Gaza deteriorates: गाजा पट्टी में जारी संघर्ष के बीच स्वास्थ्य सेवाएं पहले ही गंभीर संकट में हैं। अस्पतालों की हालत खराब है और जरूरी दवाओं व उपकरणों की भारी कमी बनी हुई है। इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक बड़ी घोषणा करते हुए गाजा से मरीजों की मेडिकल एवाकुएशन प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह फैसला एक सुरक्षा घटना में संगठन से जुड़े एक कॉन्ट्रैक्ट वर्कर की मौत के बाद लिया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई है।

UN सहयोगी सदस्य की मौत

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस एडहानोम घेब्रेयेसस ने बयान जारी कर कहा कि इस घटना से संगठन बेहद दुखी है। उन्होंने पुष्टि की कि जिस व्यक्ति की मौत हुई वह संयुक्त राष्ट्र से जुड़े कार्यों में सहयोग कर रहा था। घटना के समय दो अन्य WHO स्टाफ सदस्य भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन वे सुरक्षित रहे। इस घटना के तुरंत बाद गाजा से मिस्र के राफा बॉर्डर के जरिए मरीजों को बाहर ले जाने की प्रक्रिया को रोक दिया गया। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह निलंबन अगली सूचना तक जारी रहेगा और सुरक्षा हालात की समीक्षा के बाद ही निर्णय लिया जाएगा

दम तोड़ता गाजा का हेल्थकेयर सिस्टम

गाजा का हेल्थकेयर सिस्टम लंबे समय से दबाव में है और मौजूदा संघर्ष ने इसे लगभग ठप कर दिया है। मेडिकल एवाकुएशन उन गंभीर मरीजों के लिए जीवन रेखा थी जिन्हें स्थानीय स्तर पर इलाज नहीं मिल पा रहा था। अब इस प्रक्रिया के रुकने से कई मरीजों की स्थिति और गंभीर हो सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार अक्टूबर 2023 से अब तक 1700 से अधिक हेल्थकेयर वर्कर्स, जिनमें डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक्स शामिल हैं, अपनी जान गंवा चुके हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और भी सीमित हो गई है।

स्कूल को बनाया निशाना, भारी तबाही

गाजा में लगातार हो रही हिंसा ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। हाल ही में एक स्कूल के पास हुए हवाई हमले में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। यह स्कूल विस्थापित लोगों के लिए आश्रय स्थल बना हुआ था। ड्रोन हमले में दो मिसाइलें दागी गईं, जिससे भारी नुकसान हुआ। ऐसे हालात में नागरिकों और राहत कर्मियों की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बन गई है। WHO ने सभी पक्षों से अपील की है कि मानवीय कार्यों में लगे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और संघर्ष को खत्म करने की दिशा में कदम उठाए जाएं।

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