Cilia Flores Venezuela Politics: वेनेजुएला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को लेकर अमेरिका और ट्रंप प्रशासन की ओर से गंभीर आरोप और कड़े बयान सामने आए हैं, जिनमें ड्रग कार्टेल से संबंध जैसे दावे शामिल हैं। इन घटनाक्रमों के बीच मादुरो की निजी और राजनीतिक जिंदगी भी चर्चा में आ गई है खासतौर पर उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस, जिन्हें वेनेजुएला की राजनीति में बेहद प्रभावशाली माना जाता है। सत्ता के गलियारों में मजबूत पकड़ और फैसलों पर असर रखने वाली सिलिया फ्लोरेस को कई बार मादुरो की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत कहा गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कौन हैं सिलिया फ्लोरेस और कैसे बना उनका इतना दबदबा? आइए जानते हैं।
फ्लोरेस और मादुरो रिलेशनशिप
फ्लोरेस और मादुरो की मुलाकात 1990 के दशक की शुरुआत में हुई थी, जब दोनों ही ह्यूगो चावेज़ के सलाहकार के तौर पर काम कर रहे थे। इसी दौरान उनका रिश्ता निजी और राजनीतिक दोनों रूपों में मजबूत होता गया। चावेज के निधन के बाद मादुरो राष्ट्रपति बने और जुलाई 2013 में दोनों ने शादी कर ली। इसके साथ ही उनका यह रिश्ता वेनेजुएला की सरकार के भीतर एक मजबूत और अहम साझेदारी बन गया।
राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा
वेनेजुएला की सत्ता की गलियों में सिलिया फ्लोरेस का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की पत्नी होने के साथ-साथ वे सरकार के सबसे भरोसेमंद और प्रभावशाली चेहरों में गिनी जाती हैं। समर्थक उन्हें क्रांतिकारी आंदोलन की मजबूत स्तंभ मानते हैं, जबकि आलोचक उनकी सख्त छवि और पर्दे के पीछे के असर की वजह से उन्हें “लेडी मैकबेथ” जैसा उपनाम देते हैं एक ऐसा नाम जो उनके राजनीतिक कौशल और दृढ़ता की ओर इशारा करता है।
साधारण शुरुआत, असाधारण सफर
1956 में वेनेजुएला के टीनेक्विल्लो कस्बे में जन्मीं सिलिया फ्लोरेस का बचपन कराकस के कामकाजी इलाकों में बीता। उन्होंने कानून की पढ़ाई की और श्रम व आपराधिक मामलों में वकालत शुरू की। 1990 के दशक की शुरुआत में, जब ह्यूगो चावेज के नेतृत्व में चाविस्ता आंदोलन उभर रहा था, तभी उनकी मुलाकात निकोलस मादुरो से हुई। उसी दौर में उन्होंने चावेज़ और उनके साथियों को कानूनी सहायता दी, जिससे आंदोलन के भीतर उनकी पहचान और मजबूत हुई।
सत्ता के गलियारों तक पहुंच
वर्ष 2000 में वे पहली बार नेशनल असेंबली की सदस्य बनीं। 2006 में उन्होंने इतिहास रचते हुए संसद की पहली महिला अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल किया। इस कार्यकाल में उनके फैसले खूब चर्चा में रहे चाहे संसद में मीडिया की सीमित पहुंच का मामला हो या रिश्तेदारों की नियुक्ति को लेकर उठे सवाल। उन्होंने इन आरोपों को हमेशा राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज किया।
चावेज की करीबी, मादुरो की सबसे बड़ी ताकत
सिलिया फ्लोरेस पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर तब चर्चा में आईं जब उन्होंने 1992 में असफल तख्तापलट के बाद ह्यूगो चावेज का बचाव किया । 2012 में चावेज ने उन्हें अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया। बीमारी के आखिरी दिनों में क्यूबा में चावेज के इलाज के दौरान भी वे मादुरो के साथ मौजूद रहीं। सोशल मीडिया पर कभी उन्होंने खुद को “डॉटर ऑफ चावेज” कहा, जो उनके वैचारिक जुड़ाव को दर्शाता है।
विवाद और आलोचना
2013 में निकोलस मादुरो से विवाह के बाद सिलिया फ्लोरेस सत्ता के और करीब आ गईं। वे अक्सर चुनावी अभियानों और सरकारी आयोजनों में उनके साथ नजर आती हैं। हालांकि हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर उनसे जुड़ी कई सनसनीखेज खबरें सामने आई हैं, लेकिन कई दावे आधिकारिक पुष्टि के बिना ही रहे हैं। इसके बावजूद, जनता की नजर में वे मादुरो शासन का अभिन्न हिस्सा हैं।
क्यों खास हैं सिलिया फ्लोरेस?
चाहे समर्थन हो या विरोध सिलिया फ्लोरेस को नजरअंदाज करना मुश्किल है। वेनेजुएला की राजनीति में वे केवल ‘राष्ट्रपति की पत्नी’ नहीं, बल्कि एक ऐसी नेता हैं, जिनकी मौजूदगी सत्ता की दिशा और दशा दोनों को प्रभावित करती है। यही वजह है कि उनका नाम आते ही वेनेजुएला की राजनीति की सबसे ताकतवर महिलाओं की सूची अपने-आप सामने आ जाती है।


