चार्टर प्लेन से सफर करने वाले बिहार के IAS कौन? बचाव में उतरे नीतीश के मंत्री, बोले- क्या पिछड़ों को…

चार्टर प्लेन से सफर करने वाले बिहार के IAS कौन? बचाव में उतरे नीतीश के मंत्री, बोले- क्या पिछड़ों को…

Bihar News: बिहार की राजनीति में इस समय एक IAS अधिकारी के चार्टर प्लेन यात्रा को लेकर माहौल गरम है। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बिहार कैडर के 2011 बैच के IAS अधिकारी नीलेश रामचंद्र देवरे को लेकर उठाए गए मुद्दे ने देखते ही देखते राजनीतिक रंग ले लिया। विपक्ष ने जहां सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर सवाल उठाए, वहीं मंत्री अशोक चौधरी ने खुलकर आईएएस का बचाव किया। उन्होंने पूरे विवाद को सामाजिक न्याय और दलित-पिछड़े वर्ग से जोड़ते हुए विपक्ष का जवाब दिया।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

यह पूरा मामला तब सामने आया जब बीते दिनों राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के MLA राहुल कुमार विधानसभा में खड़े हुए और एक IAS अधिकारी के चार्टर प्लेन यात्रा का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि चार्टर प्लेन से दिल्ली से पटना आने-जाने का अनुमानित खर्च लाखों रुपये है। अगर कोई सरकारी अधिकारी ऐसी सुविधा लेता है, तो उसका खर्च कौन उठाता है? क्या यह सरकारी पैसा है या निजी पैसा? उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की।

सदन में सवाल उठाए जाने के बाद जिस अधिकारी का नाम सामने आया, वह बिहार कैडर के 2011 बैच के IAS अधिकारी नीलेश रामचंद्र देवरे थे। बताया गया कि पिछले साल जून-जुलाई में उन्होंने अपने परिवार के साथ चार्टर प्लेन में सफर किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया।

मंत्री अशोक चौधरी का पलटवार

विपक्ष के तीखे हमलों के बीच नीतीश कुमार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने अधिकारी का जोरदार बचाव किया। उन्होंने सीधे दलित और पिछड़ी जाति का कार्ड खेलते हुए विवाद को नया सामाजिक मोड़ दे दिया। अशोक चौधरी ने कहा कि नीलेश देवरे एक अच्छे अधिकारी हैं। यह घटना पिछले साल तब हुई जब मैं और सचिव नीलेश देवरे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ दिल्ली गए थे।

मंत्री अशोक चौधरी ने सफाई दी कि उस यात्रा के दौरान दो कार्यक्रम तय थे, एक सरकारी और एक प्राइवेट। वापसी के समय प्लेन खाली लौट रहा था। ऐसे में यदि संबंधित विभाग के अधिकारी अपने परिवार के साथ उसमें बैठकर आ गए तो क्या गुनाह हो गया? उन्होंने सवाल किया कि क्या दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों को हवाई जहाज में बैठने का अधिकार नहीं है?

अशोक चौधरी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए यह भी कहा कि इस मुद्दे को उठाने वालों के राजनीतिक और सामाजिक बैकग्राउंड की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नीलेश देवरे को इसलिए टारगेट किया जा रहा है, क्योंकि जब वे हेल्थ डिपार्टमेंट (BMSICL) में थे, तो उन्होंने 15 करप्ट कॉन्ट्रैक्टर्स के खिलाफ एक्शन लिया था। मंत्री का दावा है कि वे सभी ठेकेदार एक राजनीतिक पार्टी से जुड़े थे और उसी एक्शन का बदला लेने के लिए यह पुराना केस उठाया जा रहा है।

IAS नीलेश देवरे कौन हैं?

IAS नीलेश रामचंद्र देवरे बिहार कैडर के 2011 बैच के ऑफिसर हैं। मूल रूप से नासिक, महाराष्ट्र के रहने वाले देवरे ने पहले मेडिसिन की पढ़ाई की और बाद में सिविल सर्विस में आ गए। एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में आने के बाद, उन्होंने मधुबनी और छपरा जैसे जिलों में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के तौर पर काम किया।

बाद में उन्होंने वेस्ट चंपारण (बेतिया) के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के तौर पर काम किया और 2022 में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पर्सनल सेक्रेटरी बने। वे अभी बिहार टूरिज्म डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी हैं और सिविल एविएशन डिपार्टमेंट से जुड़ी अहम एडमिनिस्ट्रेटिव जिम्मेदारियां संभालते हैं। उनके पास बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर का एडिशनल चार्ज भी है।

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