Home Loan Hidden Charges: घर खरीदना हर किसी का सपना होता है, लेकिन होम लोन लेते समय सिर्फ ब्याज दर देखना काफी नहीं होता। कई बार बैंक और एनबीएफसी ऐसे अलग-अलग चार्ज लेते हैं, जिनकी जानकारी न होने पर लोन महंगा पड़ जाता है। इसलिए समझदारी इसी में है कि पहले सभी शुल्कों को अच्छे से समझ लिया जाए।
- सबसे पहले आता है प्रोसेसिंग फीस, जो बैंक आपकी लोन एप्लीकेशन की जांच के लिए लेता है। यह आमतौर पर वापस नहीं होती। हालांकि, कुछ मामलों में बातचीत करके इसे कम कराया जा सकता है। इसके अलावा आवेदन शुल्क (लॉग-इन फीस) भी लिया जाता है, जो लोन मंजूर न होने पर भी वापस नहीं मिलता।
- प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में बैंक लीगल फीस और टेक्निकल असेसमेंट फीस भी वसूलते हैं। लीगल फीस दस्तावेजों की जांच के लिए होती है, जबकि टेक्निकल फीस प्रॉपर्टी की कीमत और स्थिति का आकलन करने के लिए ली जाती है। कुछ बैंक इन दोनों फीस को प्रोसेसिंग फीस में शामिल कर देते हैं।
- लोन लेते समय एक और महत्वपूर्ण चार्ज है मॉर्गेज डीड फीस, जिसके तहत आपकी प्रॉपर्टी बैंक के पास गिरवी रखी जाती है। यह आमतौर पर लोन राशि का एक छोटा प्रतिशत होता है। वहीं, अगर लोन मंजूर होने के बाद आप समय पर पैसा नहीं लेते हैं, तो बैंक कमिटमेंट फीस भी लगा सकता है।
- अगर आप लोन जल्दी चुकाने का सोचते हैं, तो प्रीपेमेंट पेनल्टी पर भी ध्यान दें। हालांकि, फ्लोटिंग रेट लोन में यह चार्ज नहीं लगता, लेकिन फिक्स्ड रेट लोन में करीब 2% तक पेनल्टी लग सकती है।
- लोन मिलने और घर की पजेशन के बीच के समय में जो ब्याज देना होता है, उसे प्री-ईएमआई कहा जाता है। इस दौरान सिर्फ ब्याज चुकाना होता है, पूरी EMI बाद में शुरू होती है।
- बैंक अक्सर इंश्योरेंस प्रीमियम लेने की सलाह देते हैं, जिससे किसी अनहोनी की स्थिति में परिवार पर लोन का बोझ न पड़े।
कुल मिलाकर, होम लोन लेते समय सिर्फ ब्याज नहीं, बल्कि हर छोटे-बड़े चार्ज को समझना बेहद जरूरी है, तभी आप सही फैसला ले पाएंगे।


