पेसा कानून की खुलकर की तारीफ, तो राम के नाम वाली योजना पर भड़के बंधु तिर्की

पेसा कानून की खुलकर की तारीफ, तो राम के नाम वाली योजना पर भड़के बंधु तिर्की

भास्कर न्यूज|गुमला कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और गुमला जिला प्रभारी बंधु तिर्की गुमला में अलग तेवर में दिखे। राज्य सरकार द्वारा पेसा कानून नियमावली लागू करने की खूब सराहना की और इस कानून का विरोध करने वाले अपने ही पार्टी के विधायक डॉक्टर रामेश्वर उरांव की भी आलोचना की, तो केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर वीबी-जी-राम जी करने पर भड़कते दिखे। राष्ट्रव्यापी मनरेगा बचाओ अभियान के तहत शनिवार को सर्किट हाउस में वे पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस क्रम में कहा कि मनरेगा में प्रस्तावित बदलाव किसी भी तरह से योजना में सुधार नहीं हैं। बल्कि यह ग्रामीण भारत से काम, सम्मान और पंचायतों के अधिकार छीनने की साजिश है। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा में अपने हिस्से की फंडिंग में करीब 30 प्रतिशत तक कटौती कर रही है। नाम बदलना गांधी का अपमान और किसानों-मजदूरों के साथ अपराध है। चूंकि यूपीए की सरकार ने मनरेगा कानून लाया था। जिसे एनडीए की सरकार ने योजना में तब्दील कर दिया। तिर्की ने कहा कि सरकार ने पेसा कानून की नियमावली लागू की है। जिससे ग्राम सभाओं को जल, जंगल और जमीन जैसे स्थानीय संसाधनों पर स्वशासन के अधिकार मिल गए हैं। मौके पर जिलाध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि राजनील तिग्गा, गुलाम सरवर, आजाद अंसारी, जय सिंह, फिरोज आलम व रूपेश सन्नी थे। बंधु तिर्की ने कहा कि केंद्र सरकार ने जिस प्रकार दो करोड़ नौकरी और 15 लाख रुपए देने का झूठा वादा किया था। उसी प्रकार वीबी-जी-राम जी के तहत द्वारा 125 दिन रोजगार देने का दावा भ्रामक है। आरोप लगाया कि गांवों में बनने वाली परिसंपत्तियां जैसे तालाब, सड़क और मिट्टी-पार्न के स्थानीय कार्यों की जगह अब ठेकेदार आधारित और बड़ी परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे स्थानीय रोजगार खत्म होगा। पंचायतों की भूमिका भी केवल कार्यान्वयन एजेंसी तक सीमित कर दी जाएगी और निर्णय का अधिकार दिल्ली के हाथ में चला जाएगा। बंधु तिर्की ने कहा कि इन बदलावों से बेरोजगारी बढ़ेगी, बंधुआ मजदूरी और पलायन को बढ़ावा मिलेगा। महिलाओं की भागीदारी घटेगी और दलित-आदिवासी परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। स्थानीय आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। बीजेपी षडयंत्रकारणी पार्टी है। कांग्रेस खुलकर इसका विरोध करती रहेगी। बंधु तिर्की को असम का सीनियर ऑब्जर्बर नियुक्त किया गया है। इसे लेकर जिलाध्यक्ष राजनील तिग्गा के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने बुके देकर उन्हें बधाई दी और आशा जताई कि निश्चित तिर्की अपने दायित्व को बेहतर निभाएंगे। इससे पार्टी को मजबूती मिलेगी। भास्कर न्यूज|गुमला कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और गुमला जिला प्रभारी बंधु तिर्की गुमला में अलग तेवर में दिखे। राज्य सरकार द्वारा पेसा कानून नियमावली लागू करने की खूब सराहना की और इस कानून का विरोध करने वाले अपने ही पार्टी के विधायक डॉक्टर रामेश्वर उरांव की भी आलोचना की, तो केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर वीबी-जी-राम जी करने पर भड़कते दिखे। राष्ट्रव्यापी मनरेगा बचाओ अभियान के तहत शनिवार को सर्किट हाउस में वे पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस क्रम में कहा कि मनरेगा में प्रस्तावित बदलाव किसी भी तरह से योजना में सुधार नहीं हैं। बल्कि यह ग्रामीण भारत से काम, सम्मान और पंचायतों के अधिकार छीनने की साजिश है। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा में अपने हिस्से की फंडिंग में करीब 30 प्रतिशत तक कटौती कर रही है। नाम बदलना गांधी का अपमान और किसानों-मजदूरों के साथ अपराध है। चूंकि यूपीए की सरकार ने मनरेगा कानून लाया था। जिसे एनडीए की सरकार ने योजना में तब्दील कर दिया। तिर्की ने कहा कि सरकार ने पेसा कानून की नियमावली लागू की है। जिससे ग्राम सभाओं को जल, जंगल और जमीन जैसे स्थानीय संसाधनों पर स्वशासन के अधिकार मिल गए हैं। मौके पर जिलाध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि राजनील तिग्गा, गुलाम सरवर, आजाद अंसारी, जय सिंह, फिरोज आलम व रूपेश सन्नी थे। बंधु तिर्की ने कहा कि केंद्र सरकार ने जिस प्रकार दो करोड़ नौकरी और 15 लाख रुपए देने का झूठा वादा किया था। उसी प्रकार वीबी-जी-राम जी के तहत द्वारा 125 दिन रोजगार देने का दावा भ्रामक है। आरोप लगाया कि गांवों में बनने वाली परिसंपत्तियां जैसे तालाब, सड़क और मिट्टी-पार्न के स्थानीय कार्यों की जगह अब ठेकेदार आधारित और बड़ी परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे स्थानीय रोजगार खत्म होगा। पंचायतों की भूमिका भी केवल कार्यान्वयन एजेंसी तक सीमित कर दी जाएगी और निर्णय का अधिकार दिल्ली के हाथ में चला जाएगा। बंधु तिर्की ने कहा कि इन बदलावों से बेरोजगारी बढ़ेगी, बंधुआ मजदूरी और पलायन को बढ़ावा मिलेगा। महिलाओं की भागीदारी घटेगी और दलित-आदिवासी परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। स्थानीय आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। बीजेपी षडयंत्रकारणी पार्टी है। कांग्रेस खुलकर इसका विरोध करती रहेगी। बंधु तिर्की को असम का सीनियर ऑब्जर्बर नियुक्त किया गया है। इसे लेकर जिलाध्यक्ष राजनील तिग्गा के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने बुके देकर उन्हें बधाई दी और आशा जताई कि निश्चित तिर्की अपने दायित्व को बेहतर निभाएंगे। इससे पार्टी को मजबूती मिलेगी।  

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