चेन्नई. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से ठीक एक दिन पहले शनिवार को सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके ने न केवल सहयोगी दलों को आवंटित निर्वाचन क्षेत्रों की सूची जारी की बल्कि पार्टी उम्मीदवारों की सूची भी सार्वजनिक कर दी। सीएम एमके स्टालिन और उनके पुत्र डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन दोबारा क्रमश: कोलातूर और चेपाक-टि्रप्लीकेन सीट से मैदान में है। पूर्व सीएम और डीएमके में शामिल हुए ओ. पन्नीरसेल्वम को भी बोडिनायकनूर से टिकट दिया गया है। डीएमके की इस सूची में 164 प्रत्याशी हैं। सहयोगी दलों के 11 साझा प्रत्याशी ‘उगते सूरज’ के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे। इस तरह चुनाव में 175 सीटों पर यह चिन्ह उम्मीदवारों की पहचान होगा। डीएमके अध्यक्ष स्टालिन ने सूची जारी करने से पहले अपने सहयोगियों के साथ लंबी बातचीत के बाद सीटों के आवंटन अंतिम रूप दे दिया। घटक दलों को निर्वाचन क्षेत्र आवंटित करने के बाद पार्टी की प्रत्याशी सूची जारी की गई। राज्य में 23 अप्रेल को चुनाव है।
नए-पुराने चेहरे
डीएमके के उम्मीदवारों की सूची में भी पुराने और परिचित चेहरे, मौजूदा विधायक और 60 से अधिक नए चेहरों को मौका दिया गया है। पार्टी के अधिकांश वरिष्ठ और प्रमुख नेता अपने पुराने निर्वाचन क्षेत्रों से ही चुनाव लड़ेंगे जिनमें मुख्यमंत्री स्टालिन चौथी बार कोलातूर से और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन चेपॉक से चुनाव लड़ेंगे, जहां उन्होंने 2021 में पहली बार चुनाव लड़ा था और अब पुनः चुनाव मैदान में हैं।
तीन मंत्रियों का टिकट कटा
34 मौजूदा मंत्रियों में से केवल तीन, आर गांधी, टी. मनो तंगराज और एन कयलविझी सेल्वराज को इस बार टिकट नहीं मिला है। हालांकि, गांधी ने अपने बेटे विनोद गांधी के लिए रानीपेट सीट से टिकट हासिल किया है, जहां से वे 2021 में चुने गए थे। इसी तरह, डीएमके के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री के. पोन्मुडी इस बार अपने तिरुकोविलूर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। यह सीट उनके बेटे डॉ. पोन गौतम सिगामणि को दी गई है।
दुरै मुरुगन फिर मैदान में
जहां एक ओर कयास लगाए जा रहे थे कि डीएमके के सबसे वरिष्ठ नेता, मंत्री और दस बार के विधायक दुरै मुरुगन (87) स्वास्थ्य कारणों से इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे, वहीं उन्हें एक बार फिर काटपाड़ी सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि पार्टी के पश्चिमी क्षेत्र के मजबूत नेता और पूर्व मंत्री वी सेंथिल बालाजी ने इस बार करूर सीट छोड़कर कोयंबत्तूर दक्षिण से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि 2021 में डीएमके या उसके सहयोगी को कोयंबत्तूर की दस में से एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी।
ओपीएस व साथियों को टिकट
इसी बीच, पूर्व मुख्यमंत्री और एआइएडीएमके के दिग्गज नेता ओ पन्नीरसेल्वम, जो हाल ही में डीएमके में शामिल हुए हैं, को बोडिनायकनूर सीट से मैदान में उतारा गया है, जिसे वे निवर्तमान विधानसभा में भी प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
उनके दो सहयोगियों पॉल मनोज पांडियन और आर. वैद्यलिंगम वैथिलिंगम जो पहले ही डीएमके में शामिल हो चुके हैं, को भी टिकट मिला है।
29 वकील व 15 डॉक्टर
स्टालिन ने बताया कि पार्टी की सूची में 60 से अधिक नए चेहरे, 29 वकील, 17 इंजीनियर, 15 डॉक्टर और सात पीएचडी धारक शामिल हैं। हालांकि, 164 उम्मीदवारों में केवल 18 महिलाएं हैं, जो संविधान में प्रस्तावित 106वें संशोधन के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीट आरक्षित करने के लक्ष्य से काफी कम है।
सीटों के अंतिम चयन में हुई देरी के सवाल पर स्टालिन ने कहा कि कोई देरी नहीं हुई है, क्योंकि डीएमके ने 2024 के लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद ही चुनावी तैयारी शुरू कर दी थी।
उन्होंने कहा, “हमने व्यापक गठबंधन बनाया है, इसलिए सभी से चर्चा कर उनकी पसंद के अनुसार सीटें आवंटित करनी थीं। इसी वजह से थोड़ा अधिक समय लगा।”
बोला सुपरस्टार का डायलॉग
स्टालिन ने संवाददाता सम्मेलन में सुपरस्टार रजनीकांत फिल्म के संवाद का हवाला देते हुए कहा, “लेट-आ वंथालुम लेटेस्ट-आ वंथिरुक्कोम (चाहे हम देर से आए हों, लेकिन सबसे उन्नत होकर आए हैं)।”
डीएमके के 164 उम्मीदवारों के अलावा, उसके सहयोगी दल पार्टी के उगता सूरज (राइजिंग सन) चुनाव चिन्ह पर 11 और सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।



