गर्मियों में बिजली गुल की समस्या से कब मिलेगी राहत?

गर्मियों में बिजली गुल की समस्या से कब मिलेगी राहत?

bhopal news: मध्यप्रदेश में गर्मी शुरु होते ही बिजली गुल होने की समस्या बढ़ने लगी है। राजधानी भोपाल में भी बढ़ती गर्मी के साथ बिजली गुल की समस्या लोगों के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। तेज गर्मी में बार-बार बिजली कटने से आमजन, व्यापारी, छात्र और बुजुर्ग सभी प्रभावित हैं। इस समस्या से निपटने और लोगों को त्वरित राहत देने के लिए स्थानीय नागरिकों ने पत्रिका संडे पोल में कई अहम सुझाव दिए हैं। लोगों का कहना है कि गर्मी शुरू होने से पहले ही बिजली विभाग को ट्रांसफॉर्मर, फीडर और केबल लाइनों का मेंटेनेंस सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि तकनीकी फॉल्ट कम हों। कई क्षेत्रों में ओवरलोडिंग बड़ी समस्या है, इसलिए अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाने और लोड मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत बताई गई।

सोलर ऊर्जा भी विकल्प

नागरिकों ने यह भी सुझाव दिया कि यदि बिजली कटौती जरूरी हो तो उसका तय शेड्यूल पहले से जारी किया जाए, ताकि लोग अपनी दिनचर्या उसी अनुसार व्यवस्थित कर सकें। इसके अलावा सोलर ऊर्जा जैसे वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए हेल्पलाइन को और प्रभावी बनाने की मांग भी सामने आई है।

क्या कहती है जनता ?

गर्मी में बिजली कटौती सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है, प्रशासन को पावर सप्लाई बढ़ाने के साथ ट्रांसफॉर्मर और लाइनों का पहले से मेंटेनेंस करना चाहिए, ताकि फॉल्ट कम हों।
जितेंद्र हरियाले,स्थानीय

बार-बार बिजली जाने से घर का सारा काम प्रभावित होता है, प्रशासन को तय शेड्यूल के अनुसार ही कटौती करनी चाहिए और अचानक पावर कट से बचना चाहिए।
मुकुल कुमार,स्थानीय

ओवरलोडिंग सबसे बड़ी वजह है, इसके लिए स्मार्ट ग्रिड और लोड मैनेजमेंट सिस्टम लागू करना जरूरी है, साथ ही पुराने तार और उपकरणों को बदलना चाहिए।
एलके पाण्डेय,स्थानीय

गर्मी में पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है, सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि घरों में वैकल्पिक बिजली का स्रोत उपलब्ध हो सके और आम लोगों को राहत मिल सके।
त्रिलोक कुमार,स्थानीय

बिजली कटौती से बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है, प्रशासन को हेल्पलाइन और त्वरित शिकायत निवारण व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए, ताकि जल्दी समाधान हो सके।
किशोर चौधरी,स्थानीय

बिजली जाने से व्यापार पर भी सीधा असर पड़ता है, मार्केट क्षेत्रों में अलग फीडर लाइन होनी चाहिए, ताकि दुकानों में लगातार बिजली की सप्लाई निर्वाध रूप से हो सके।
संजय दीक्षित,स्थानीय

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