जब ट्रिस्टन स्टब्स को नहीं मिली थी अनुमति, तो हार्दिक पंड्या ने कैसे बदले ग्लव्स? अंपायरों पर उठे सवाल

जब ट्रिस्टन स्टब्स को नहीं मिली थी अनुमति, तो हार्दिक पंड्या ने कैसे बदले ग्लव्स? अंपायरों पर उठे सवाल

Hardik Pandya Glove Controversy: आईपीएल 2026 में ग्लव्स बदलने को लेकर हुआ बड़ा विवाद। जानिए क्यों हार्दिक पंड्या को ओवर के बीच में ग्लव्स बदलने दिए गए, लेकिन ट्रिस्टन स्टब्स को अंपायर ने रोका। इस मामले की सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है। 

IPL 2026, Gloves Change Controversy: आईपीएल 2026 में एक नया विवाद खड़ा हो गया है और इस बार वजह है अंपायरिंग के दोहरे मापदंड। फैंस सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर बहस कर रहे हैं कि नियम सबके लिए एक जैसे क्यों नहीं हैं? मामला ग्लव्स (दस्ताने) बदलने से जुड़ा है, जहां मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या को तो परमिशन मिल गई, लेकिन दिल्ली कैपिटल्स के ट्रिस्टन स्टब्स की मांग को ठुकरा दिया गया। सिर्फ 24 घंटे के अंदर दो अलग-अलग मैचों में ऐसी घटनाएं हुईं जिसने सबको हैरान कर दिया।

हार्दिक पंड्या का केस

रविवार को वानखेड़े में मुंबई इंडियंस (MI) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के मैच के दौरान, 12th ओवर के बीच में हार्दिक पंड्या ने दो बार अपने ग्लव्स बदले। उस वक्त किसी भी अंपायर ने उन्हें नहीं रोका और न ही खेल में देरी की चेतावनी दी।

ट्रिस्टन स्टब्स का केस

इससे ठीक एक दिन पहले दिल्ली कैपिटल्स (DC) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मैच में ट्रिस्टन स्टब्स ने पसीने की वजह से ग्लव्स बदलने की मांग की ताकि ग्रिप अच्छी बन सके। लेकिन अंपायरों ने खेल में देरी का हवाला देते हुए उन्हें मना कर दिया।

किस्मत का खेल देखिए

अगली ही गेंद पर स्टब्स आउट हो गए। इस पर दिल्ली के नीतीश राणा और कोच हेमांग बदानी की चौथे अंपायर से तीखी बहस भी हुई। गुस्से में स्टब्स ने अपना हेलमेट तक फेंक दिया। वहीं, नीतीश राणा पर गाली-गलौज के लिए मैच फीस का 25% जुर्माना भी लगा दिया गया।

नियम क्या कहते हैं?

आईपीएल के नियमों के मुताबिक, बल्लेबाज ओवर के बीच में, ब्रेक के दौरान या अंपायर की सहमति से ग्लव्स बदल सकता है। ओवर के बीच में ग्लव्स बदलने की मनाही तब तक नहीं है जब तक अंपायर को न लगे कि इससे जानबूझकर समय बर्बाद किया जा रहा है। असल में, ओवर के बीच में सामान बदलने की इजाजत देना पूरी तरह अंपायर के हाथ में होता है।

क्यों हो रही है बहस?

फैंस इस बात से नाराज हैं कि जब नियम एक ही है, तो अंपायरों का फैसला अलग-अलग क्यों? लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि एक भारतीय स्टार खिलाड़ी (हार्दिक) को तो मनमर्जी करने दी गई, जबकि एक विदेशी युवा खिलाड़ी (स्टब्स) को नियमों के जाल में फंसा दिया गया।

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