अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित फेमली लाइन स्कीम तीन में किन्नरों द्वारा अधिक पैसों की मांग और बद्दुआ देने से एक व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि किन्नरों के उत्पात और धमकियों से घबराकर व्यक्ति को साइलेंट हार्ट अटैक आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक के दामाद राकेश कुमार ने बताया कि यह घटना 24 जनवरी की है। एक दिन पहले मृतक शंकर (45) के भतीजे की बहू ने बेटे को जन्म दिया था। 23 जनवरी की रात को मां और नवजात को घर लाया गया था। इसके अगले दिन सुबह दो अखेपुरा से आए दो किन्नर घर पहुंचे और बधाई के नाम पर 31 हजार रुपये की मांग करने लगे। परिजनों ने बताया कि जब इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई गई तो किन्नरों ने सर्वनाश होने की धमकी देना शुरू कर दिया और घर में हंगामा करने लगे। इस दौरान ऊपर की मंजिल से नीचे आए शंकर ने उन्हें समझाने की कोशिश की और कहा कि बच्चे परंपरानुसार केवल 10 हजार रुपये ही दिए जाते हैं, लेकिन किन्नर नहीं माने। आरोप है कि किन्नर इसके बाद उस कमरे में चले गए जहां नवजात और उसकी मां थी और अंदर से कमरा बंद कर लिया। इसी दौरान तनाव बढ़ गया। मृतक की भाभी सीमा ने बताया कि किन्नरों ने घर आते ही 31 हजार रुपये की मांग की। उन्होंने 15 दिन का समय मांगा, लेकिन वे नहीं माने। आरोप है कि किन्नरों ने घर में अभद्रता की, कपड़े उतारने लगे और घर में बाथरूम कर दिया। शंकर ने उन्हें काफी समझाया, लेकिन किन्नर लगातार बद्दुआ और धमकी देते रहे। इसी बीच शंकर को अचानक साइलेंट हार्ट अटैक आया और वह वहीं गिर पड़े। गिरते ही दोनों किन्नर मौके से भाग गए। परिजन शंकर को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के दो बेटे हैं, जिनमें से एक निजी कंपनी में काम करता है और दूसरा कारपेंटर का काम करता है। जिसकी दो महीने बाद शादी है। परिजनों ने बुधवार को दोनों किन्नरों के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


