Oracle layoffs India: जरा सोचिए आपके पास एक अच्छी-खासी सैलरी वाली जॉब हो और अचानक आपको जॉब से निकाल दिया जाए, तो आप किस तरह की मुसीबतों का सामना करोगे। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के मुताबिक, एक शख्स जो सालाना 40 लाख रुपये कमाता था, अचानक उसकी जॉब चली जाती है और नौकरी जाने के तीन महीने के बाद उसकी सेटल्ड लाइफ की पूरी तस्वीर ही बदल जाती है। यह पूरी कहानी ऐसे समय में सामने आती है, जब बदलते दौर के कारण लगातार बड़ी IT कंपनियां छटनी करने में लगी हुई हैं।
कैसे सपनों का घर बना रोज की चिंता
2024 में एक टेक्नीशियन ने नोएडा के प्रतीक ग्रैंड सिटी में फ्लैट बुक किया था तो सब कुछ सही लग रहा था। ऊंची तनख्वाह, स्थिर नौकरी के भरोसे उसने 1.4 करोड़ का 3BHK फ्लैट खरीदा। इसके लिए उसने 95,000 रुपए की ईएमआई करवाई और उस वक्त यह बोझ नहीं लगती थी। लेकिन जैसे ही नौकरी गई, तीन महीने बिना तनख्वाह के गुजरे और अब वही घर जो कभी उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि था, उसकी सबसे बड़ी परेशानी बन गया है। उसके एक दोस्त ने हाल ही में मिलने के बाद यह कहानी सोशल मीडिया पर शेयर की। दोस्त ने बताया कि उसकी रातों की नींद उड़ गई है। वह घर जो कभी गर्व का प्रतीक था, अब रात को सोने नहीं देता।
Rapido पर उतरी जिंदगी
कॉर्पोरेट ऑफिस छोड़ अब वह हर दिन Rapido राइडर के रूप में शहर की सड़कों पर निकलता है। हर सवारी से कुछ रुपए जमा होते हैं और महीने के अंत में वह बड़ी किस्त भरने की कोशिश होती है। यह बदलाव सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि मानसिक भी है। IT प्रोफेशनल्स की एक बड़ी सच्चाई यह है कि ऊंची सैलरी अक्सर बड़े कर्ज को जन्म देती है और जब सैलरी रुकती है तो कर्ज नहीं रुकता।
ओरेकल की छंटनी और IT का संकट
यह कहानी ऐसे वक्त में सामने आई है जब IT सेक्टर में बड़े पैमाने पर छंटनी हो रही है। अमेरिकी टेक कंपनी ओरेकल ने भारत में करीब 12,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है। सूत्रों के मुताबिक एक महीने के अंदर एक और दौर आ सकता है। ग्लोबल स्तर पर कंपनी ने करीब 30,000 कर्मचारी कम किए हैं।
पूर्व ओरेकल कर्मचारी मेरुगु श्रीधर ने दावा किया कि उन्हें सितंबर में 16 घंटे की वर्किंग शेड्यूल पर आपत्ति जताने के बाद हटाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में काम कर रहे भारतीय कर्मचारी भी इससे प्रभावित हैं क्योंकि वहां के सख्त लेबर लॉ छंटनी को और जटिल बनाते हैं।
एक सवाल जो सबको सोचने पर मजबूर करे
IT सेक्टर में ऊंची तनख्वाह एक सुरक्षा का भ्रम देती है। लेकिन जब छंटनी का एक झटका लगता है तो उसी सैलरी पर खड़ी की गई जिंदगी हिल जाती है। सवाल यही है कि क्या अपने सपनों को पूरा करने से पहले हम उस दिन के बारे में सोचते हैं जब तनख्वाह अचानक बंद हो जाए?


