किसानों ने छोड़ी जमीन तो 17 फीट चौड़ी सड़क का ‘रास्ता’ खुला

किसानों ने छोड़ी जमीन तो 17 फीट चौड़ी सड़क का ‘रास्ता’ खुला

निशातपुरा के पास करारिया फार्म में प्रस्तावित वंदे भारत एक्सप्रेस के फुल मेंटेनेंस हब को लेकर किसानों और रेलवे के बीच चला आ रहा विवाद रविवार को खत्म हो गया। विकास के नाम पर किसानों ने बड़ा दिल दिखाया। उन्होंने रेलवे को दो-दो मीटर जमीन बिना मुआवजा देने सहमति जताई। इसके बाद रेलवे खेतों तक जाने के लिए 17 फीट चौड़ी सड़क बनाने के लिए राजी हो गया। यह सड़क किसानों और रेलवे दोनों की जमीन मिलाकर बनेगी। समझौते के तहत किसान 2 मीटर और रेलवे 3.2 मीटर जमीन देगा। इस तरह कुल 5.2 मीटर (करीब 17 फीट) चौड़ी सड़क का रास्ता बनेगा। रेलवे ने भरोसा दिलाया है कि सड़क के लिए जमीन समतल करने का काम रेलवे कराएगा। सड़क पक्की बनेगी या कच्ची, इसका फैसला बाद में किया जाएगा। यह सड़क 1 किमी से अधिक लंबाई में बनेगी और रेलवे की बाउंड्री वॉल के साथ-साथ किसानों की जमीन से होकर कोच फैक्ट्री की ओर निकलेगी। इससे किसान अपने खेतों तक आसानी से आ-जा सकेंगे। यहां वंदे भारत के फुल मेंटेनेंस का हब प्रस्तावित दरअसल, करारिया फार्म में वंदे भारत के फुल मेंटेनेंस हब के लिए रेलवे ने यहां 8 हजार से ज्यादा पेड़ काट दिए और जमीन समतलीकरण का काम शुरू कर दिया। इसके चलते रेलवे ने लंबी बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी। एक तरफ नाला और दूसरी तरफ दीवार होने के कारण किसान खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे थे। इससे 100 किसानों की 150 एकड़ से ज्यादा जमीन फंस गई थी। किसानों ने बताया कि 1984 में रेलवे ने 7 गेट देने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक नहीं बने। अब सड़क निर्माण पर सहमति से किसानों को राहत मिली है। इस जमीन पर बनेगा मेंटेनेंस हब। पास में किसानों के खेतों के लिए बनेगा रास्ता। एल शेप में बनेगी कच्ची सड़क किसान पवन पवन कुशवाहा का कहना है कि रेलवे अपनी बाउंड्री बॉल को हटाएगा। इसका काम जल्दी शुरू होगा। सभी बातों पर रेलवे के अफसरों ने सहमति दे दी है। अभी यहां पर कच्ची सड़क बनाएगा। रेलवे ने यह स्वीकारकिया है कि वह अपनी दीवार को पीछे खिसकाकर सड़क के लिए 3.2 मीटर भूमि देने को तैयार है। 4 दिन से धरने पर थे किसान पिछले चार दिनों से रास्ते के लिए किसान अपने-अपने परिवार के साथ मौके पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों का कहना है कि कड़ाके की ठंड में पूरी रात किसानों ने अलाव जलाकर गुजारी। रेलवे के अफसरों ने हमारी बातों पर ध्यान दिया। ये ही बहुत है। सड़क बनने से किसानों को फायदा होगा ही आने वाले समय में एक नया रास्ता भी डेवलप हो जाएगा।

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