चंद्रमा की ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर आर्टेमिस II मिशन के अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौट आए। कैलिफोर्निया तट के पास प्रशांत महासागर में उनका स्प्लैशडाउन सफलतापूर्वक हुआ। इस सफल मिशन के बाद सोशल मीडिया पर एक अनोखा सवाल तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें अंतरिक्ष यात्रियों के समुद्र में कूदने पर वहां मौजूद शार्क से उनकी सुरक्षा कैसे होती है इसे लेकर सवाल किया गया है। इस सवाल का जवाब नासा (NASA) ने खुद देते हुए बताया है कि अंतरिक्ष यात्रियों के समुद्र में कूदने से पहले उस समुद्र क्षेत्र की पूरी तरह से जांच की जाती है।
नासा ने सोशल मीडिया पर वायरल सवाल का दिया जवाब
नासा के जवाब के अनसुार आर्टेमिस II मिशन के दौरान इस्तेमाल किया गया ओरियन अंतरिक्ष यान (Orion spacecraft) जब समुद्र में उतरा, तब सुरक्षा के कई स्तर पहले से सक्रिय थे। रिकवरी टीम ने पहले ही उस क्षेत्र की जांच की थी और यात्रियों के उतरने से पहले और बाद में लगातार निगरानी की जा रही थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चेस्टन बुटिगीग नामक एक व्यक्ति ने सवाल किया था कि क्या कोई यह सुनिश्चित करता है कि आसपास शार्क न हों। इसके जवाब में नासा ने स्पष्ट किया कि रिकवरी टीम पहले से क्षेत्र की निगरानी करती है, ताकि अंतरिक्ष यात्रियों का स्वागत केवल टीम द्वारा ही हो।
सफलतापूर्वक 700,237 मील की यात्रा करके लौटे अंतरिक्ष यात्री
इस जवाब के बाद इंटरनेट पर यूजर्स ने मजेदार और जिज्ञासापूर्ण प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने पूछा कि अगर शार्क दिख जाए तो क्या टीम उसे भगा देती है। एक यूजर ने मजाक में कहा कि नासा ने सिर्फ जिज्ञासा को ही कंट्रोल नहीं किया। वहीं एक अन्य ने फिल्मी अंदाज में लिखा कि किसी का काम सिर्फ इतना होगा कि जॉज जैसी स्थिति न बनने दे। बता दें कि आर्टेमिस II (Artemis II ) मिशन के अंतरिक्ष यात्री सफलतापूर्वक 700,237 मील की यात्रा पूरी कर पृथ्वी पर लौटे है। इस मिशन में कमांडर रीड वाइजमैन के अलावा विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन भी शामिल थे। यात्रा के दौरान टीम ने 24,664 मील प्रति घंटा की अधिकतम गति हासिल की और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक डेटा एकत्र किया, जिसका विश्लेषण आने वाले समय में किया जाएगा।



