डॉ. आंबेडकर नगर (महू). पहाडिय़ों की हरियाली, शांत जलराशि और सुकून भरे माहौल के लिए पहचाने जाने वाले चोरल डेम में अब वाटर स्पोट्र्स का नया आकर्षण जुड़ गया है। मंगलवार को यहां दो नई वाटर बाइसिकल बोट पानी में उतारी गईं। पहले दिन ट्रायल रन के दौरान विशेषज्ञों की निगरानी में चुनिंदा सैलानियों को इसका रोमांचक अनुभव कराया गया। यह पहल इंदौर जिले में पहली बार की गई है, जिससे क्षेत्रीय पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अब तक यहां आने वाले पर्यटकों के पास मोटर बोट या पारंपरिक पैडल बोटिंग का विकल्प था, लेकिन वाटर बाइसिकल के जरिए सैलानी खुद पानी पर अपनी रफ्तार तय कर सकेंगे। इसकी बनावट पारंपरिक नाव से अलग है और इसे एडवेंचर गतिविधि के रूप में तैयार किया गया है।
पैडल से तय होगा पानी पर सफर
चोरल डेम रिसोर्ट के मैनेजर राजेंद्र पंवार के अनुसार, आगामी एक-दो दिन में भोपाल स्तर पर अधिकारियों की बैठक में इसका किराया तय किया जाएगा। किराया निर्धारण के बाद इसे आम सैलानियों के लिए नियमित रूप से शुरू कर दिया जाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि सप्ताहांत और अवकाश के दिनों में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
ऐसी है वाटर बाइसिकल
- करीब 55 किलोग्राम वजनी विशेष डिजाइन की बोट
- दोनों ओर साइकिल जैसी सीट और हैंडल
- नीचे पैडल सिस्टम, पैडल घुमाते ही आगे बढ़ती है बोट
- हैंडल से दिशा नियंत्रण की सुविधा
- एक बोट पर दो लोग साथ बैठकर कर सकेंगे पैडलिंग
- सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट और संतुलन तंत्र की व्यवस्था
अब सिर्फ बोटिंग नहीं, सहभागिता का अनुभव
वाटर बाइसिकल के जरिए सैर अब केवल दर्शक बनकर देखने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पर्यटक खुद अपने सफर का हिस्सा बनेंगे। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि एडवेंचर आधारित गतिविधियां खासकर युवाओं को अधिक आकर्षित करती हैं। सोशल मीडिया और ट्रैवल समुदायों के बीच भी यह नया वाटर स्पोर्ट आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान
प्राकृतिक सौंदर्य और पिकनिक स्पॉट के रूप में पहले से लोकप्रिय चोरल डेम अब ‘पानी पर साइकिल’ के रोमांच के साथ इंदौर जिले के पर्यटन मानचित्र पर और अधिक आकर्षक बनता नजर आ रहा है। आने वाले समय में यदि अन्य वाटर स्पोट्र्स गतिविधियां भी जोड़ी जाती हैं, तो यह क्षेत्र मालवा का प्रमुख एडवेंचर डेस्टिनेशन बन सकता है।


