समर्थन मूल्य 2026 : मंडी में गेहूं के भाव 655 रुपए कम, 85000 क्विंटल आवक घटी

समर्थन मूल्य 2026 : मंडी में गेहूं के भाव 655 रुपए कम, 85000 क्विंटल आवक घटी

खाड़ी में युद्ध के चलते इस बार बाजार में गेहूं के भाव कम हो गया है। इससे कृषि मंडी में गेहूं की कीमत समर्थन मूल्य से 655 रुपए प्रति क्विंटल नीचे आ गया है। युद्ध के दौरान ही भाव कम होने से समर्थन मूल्य पर उपज बेचने 35 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है।

मंडी में गेहूं 1930 रुपए, समर्थन मूल्य 2585 तय

कृषि उपज मंडी में गेंहू के भाव में कमी आने से आवक कमजोर हो गई। 40 मार्च को को पिछले साल की तुलना में 85 हजार क्विंटल गेहूं की आवक कम दर्ज की गई है। मंडी में सोमवार को गेहूं 1930 रुपए तक बिका है। समर्थन मूल्य 2585 की तुलना में न्यूनतम भाव 655 रुपए कम है। मॉडल भाव के हिसाब से 325 रुपए कम भाव मिल रहा है।

मंडी भाव में होने से सात गुना पंजीयन

मंडी में भाव कम मिलने से समर्थन मूल्य पर उपज बेचने 7 गुना अधिक यानी 35 हजार किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। पिछले साल पांच हजार में चार हजार किसानों ने 45 हजार मीट्रिक टन बेचा था। इस साल 1.80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य तय किया है।

45 हजार हेक्टेयर बढ़ा गेहूं का रकबा

जिले में गेहूं की बोवनी 1.75 लाख से बढ़कर 2.2 लाख हेक्टेयर हेक्टेयर हो गई है। करीब 45 हजार हेक्टेयर रकबा बढ़ गया है। उत्पादन बढ़ा है। इस लिए गेहूं के भंडारण और सुरक्षा को देखते हुए 67 तौल केंद्र गोदाम स्तरीय बनाए गए हैं।

10 अप्रेल से गेहूं की तौल, चना की आज से

गेहूं उपार्जन अब 10 अप्रेल होगा। पहले एक अप्रेल से तिथि निर्धारित की गई थी। शासन स्तर पर तिथि बढ़ा दी गई है। तैयारियों के बीच अधिकारी गोदामों में सुरक्षा के मापदंड परखा जा रहा है।

दो हजार गठान बारदाना उपलब्ध

गोदाम में दो हजार गठान बारदाना उपलब्ध है। प्रत्येक बारदाना में 500 बोरे होते हैं। 10 लाख बोरे उपार्जन समिति के पास रखे हैं। केंद्रों पर खरीदी की तैयारियां करीब पूरी हो गई है। नागरिक आपूर्ति निगम ने केंद्रों पर बारदाना की आपूर्ति कर रहा है।

मंडी में 85 हजार क्विंटल कम हुई खरीदी

मंडी में भाव कम होने से पिछले साल की तुलना में इस बार किसानों ने 85 हजार क्विंटल गेहूं कम बिक्री की है। 30 मार्च 2025 की स्थिति में 4 लाख 90 हजार 249 क्विंटल गेहूं मंडी में बिकने पहुंचा था। इस पर 30 मार्च 2026 की स्थिति में अभी तक 4 लाख 04 हजार 250 क्विंटल ही बिकने के लिए मंडी पहुंचा है। इसकी वजह किसान मंडी में भाव कम होना बता रहे हैं। मंडी भाव की तुलना में एमएसपी अधिक होने से केंद्र पर तौल का इंतजार कर रहे हैं।

मंडी में उपज बेचने किसानों की लंबी कतार

30 मार्च को चिलचिलाती धूप में किसानों के ट्रैक्टरों की लंबी कतार रही। गेहूं की आवक 15 हजार 800 क्विंटल और मक्का की 2 हजार क्विंटल रही। गेहूं का भाव 1900 से 2200 रुपए दर्ज हुआ है। मक्का का भाव 1700 रुपए प्रति क्विंटल रिकार्ड हुआ है।

इनका कहना : दिनेश सालवे, खाद्य अधिकारी

शासन ने तौल की तिथि बढ़ाकर 10 अप्रेल कर दिया है। गोदाम स्तरीय केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर भंडारण की क्षमता पर्याप्त व्यवस्था है। बारदाना की आपूर्ति की जा रही है।

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