मधुबनी में पिछले दो दिनों से जारी तेज आंधी और वर्षा के कारण रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। विशेष रूप से गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। जिले में लगभग 10 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई थी, जो शुक्रवार और शनिवार को आई आंधी-बारिश से सर्वाधिक प्रभावित हुई है। तेज आंधी के कारण गेहूं की फसल खेतों में गिरकर पूरी तरह से चौपट हो गई है। वर्षा के पानी से भी फसल को व्यापक क्षति पहुंची है। गेहूं के अलावा मसूर, दलहन और तिलहन जैसी अन्य रबी फसलों को भी नुकसान हुआ है। हरलाखी प्रखंड के पिपरौन गांव के किसान अनिल कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने इस बार दो एकड़ खेत में गेहूं की फसल लगाई थी। कड़ी मेहनत के बाद अच्छी पैदावार की उम्मीद थी और इसमें करीब 5 हजार रुपये का खर्च भी आया था। हालांकि, दो दिनों की आंधी-बारिश से उनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई है। उन्होंने अपनी फसल को हुए नुकसान का अनुमान 1 लाख रुपये से अधिक बताया है। जिले के हरलाखी, बासोपट्टी, मधवापुर, बेनीपट्टी, बिस्फी, बाबूबरही, झंझारपुर और फूलपरास सहित कई अन्य प्रखंडों से भी आंधी-तूफान और वर्षा से व्यापक क्षति की सूचना मिली है। इस फसल क्षति के आकलन के लिए जिला कृषि पदाधिकारी ललन कुमार चौधरी ने जिले के सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी किए हैं। मधुबनी में पिछले दो दिनों से जारी तेज आंधी और वर्षा के कारण रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। विशेष रूप से गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। जिले में लगभग 10 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई थी, जो शुक्रवार और शनिवार को आई आंधी-बारिश से सर्वाधिक प्रभावित हुई है। तेज आंधी के कारण गेहूं की फसल खेतों में गिरकर पूरी तरह से चौपट हो गई है। वर्षा के पानी से भी फसल को व्यापक क्षति पहुंची है। गेहूं के अलावा मसूर, दलहन और तिलहन जैसी अन्य रबी फसलों को भी नुकसान हुआ है। हरलाखी प्रखंड के पिपरौन गांव के किसान अनिल कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने इस बार दो एकड़ खेत में गेहूं की फसल लगाई थी। कड़ी मेहनत के बाद अच्छी पैदावार की उम्मीद थी और इसमें करीब 5 हजार रुपये का खर्च भी आया था। हालांकि, दो दिनों की आंधी-बारिश से उनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई है। उन्होंने अपनी फसल को हुए नुकसान का अनुमान 1 लाख रुपये से अधिक बताया है। जिले के हरलाखी, बासोपट्टी, मधवापुर, बेनीपट्टी, बिस्फी, बाबूबरही, झंझारपुर और फूलपरास सहित कई अन्य प्रखंडों से भी आंधी-तूफान और वर्षा से व्यापक क्षति की सूचना मिली है। इस फसल क्षति के आकलन के लिए जिला कृषि पदाधिकारी ललन कुमार चौधरी ने जिले के सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी किए हैं।


