सांसद को ‘पीटने’ वाले IPS अफसर नायक का क्या होगा:बिना वारंट दीवार फांदकर घर में घुसी आंध्र पुलिस, क्या चंद्रबाबू नायडू की कार्रवाई रुकवाएंगे नीतीश

सांसद को ‘पीटने’ वाले IPS अफसर नायक का क्या होगा:बिना वारंट दीवार फांदकर घर में घुसी आंध्र पुलिस, क्या चंद्रबाबू नायडू की कार्रवाई रुकवाएंगे नीतीश

एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य की राजधानी में घुसकर एक सीनियर IPS अधिकारी के घर में दीवार फांद कर घुसती है। बिना वारंट के सरकारी आवास से गिरफ्तार करती है। IPS अफसर तुरंत कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हैं और अदालत पुलिस को फटकार लगाने के साथ उसकी ट्रांजिट रिमांड की अर्जी को खारिज कर देती है। यह कोई फिल्मी स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि 23 फरवरी को पटना में यह हकीकत में हुई। पूरी घटना आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री YS जगन मोहन रेड्डी और वर्तमान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की सालों पुरानी दुश्मनी का नया अध्याय है। बीच में फंस गए हैं बिहार कैडर के IPS अफसर सुनील नायक, जिन्हें जगन का ‘करीबी’ माना जाता है। सवाल यह है क्या बिहार सरकार उन्हें बचा पाएगी, या अफसर इस राजनीतिक खेल में एक और मोहरा साबित होंगे। आइए, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में पूरी घटना को स्टेप बाय स्टेप समझते हैं…। सवाल-1ः IPS सुनील नायक कौन है? किस आरोप में आंध्र प्रदेश की पुलिस गिरफ्तार करने पहुंची? जवाबः मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले एम. सुनील कुमार नायक 2005 बैच के बिहार कैडर के IPS अफसर हैं। फिलहाल बिहार होम होमगार्ड एंड फायर सर्विसेंज में IG हैं। 23 फरवरी को पटना में आंध्र प्रदेश पुलिस की एक टीम नायक को गिरफ्तार करने उनके आवास पर पहुंची। नायक पर सांसद को टॉर्चर करने और पीटने का आरोप सवाल-2ः कोर्ट ने क्या कहते हुए IPS की ट्रांजिट रिमांड को खारिज कर दिया? जवाबः 23 फरवरी की सुबह नायक को आंध्र प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद पटना की ACJM 12 कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए पेश किया। सवाल-3: सुनील नायक की गिरफ्तारी की घटना के पीछे की राजनीति है क्या? जवाबः नायक की गिरफ्तारी की घटना में सीधे तौर पर आंध्र प्रदेश की राजनीति का रोल है। IPS अफसर नायक को जगन मोहन रेड्डी का करीबी माना जाता है। तेलगु देशम पार्टी (TDP) चीफ चंद्रबाबू नायडू की सरकार जून 2024 में आई। इसके बाद से पूर्व CM वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी (YSRCP) के करीबी कई IPS अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से सस्पेंशन, एक्सटेंशन, अरेस्ट, ट्रांसफर और जांच के रूप में हुई हैं। जगन की पार्टी YSRCP इसे राजनीतिक बदला कहती है। जबकि, TDP सरकार इसे कानूनी कार्रवाई और पिछली सरकार के दौरान हुए पावर के मिसयूज की जांच बताती है। नायक पर आंध्रा पुलिस की कार्रवाई भी इसी कड़ी का हिस्सा है। इसे नायडू सरकार के आने के बाद जगन के करीबी अफसरों पर हुई कार्रवाई से समझिए… सवाल-4ः IPS सुनील को क्या बिहार सरकार से मदद मिल सकती है? जवाबः उम्मीद कम है। क्योंकि बिहार और आंध्र प्रदेश, दोनों जगह NDA की सरकार है। भाजपा सरकार में साझेदार है। अब जब नायक पर नायडू सरकार कार्रवाई करना चाह रही है तो भाजपा इसे रोकने का प्रयास नहीं करेगी। एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य की राजधानी में घुसकर एक सीनियर IPS अधिकारी के घर में दीवार फांद कर घुसती है। बिना वारंट के सरकारी आवास से गिरफ्तार करती है। IPS अफसर तुरंत कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हैं और अदालत पुलिस को फटकार लगाने के साथ उसकी ट्रांजिट रिमांड की अर्जी को खारिज कर देती है। यह कोई फिल्मी स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि 23 फरवरी को पटना में यह हकीकत में हुई। पूरी घटना आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री YS जगन मोहन रेड्डी और वर्तमान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की सालों पुरानी दुश्मनी का नया अध्याय है। बीच में फंस गए हैं बिहार कैडर के IPS अफसर सुनील नायक, जिन्हें जगन का ‘करीबी’ माना जाता है। सवाल यह है क्या बिहार सरकार उन्हें बचा पाएगी, या अफसर इस राजनीतिक खेल में एक और मोहरा साबित होंगे। आइए, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में पूरी घटना को स्टेप बाय स्टेप समझते हैं…। सवाल-1ः IPS सुनील नायक कौन है? किस आरोप में आंध्र प्रदेश की पुलिस गिरफ्तार करने पहुंची? जवाबः मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले एम. सुनील कुमार नायक 2005 बैच के बिहार कैडर के IPS अफसर हैं। फिलहाल बिहार होम होमगार्ड एंड फायर सर्विसेंज में IG हैं। 23 फरवरी को पटना में आंध्र प्रदेश पुलिस की एक टीम नायक को गिरफ्तार करने उनके आवास पर पहुंची। नायक पर सांसद को टॉर्चर करने और पीटने का आरोप सवाल-2ः कोर्ट ने क्या कहते हुए IPS की ट्रांजिट रिमांड को खारिज कर दिया? जवाबः 23 फरवरी की सुबह नायक को आंध्र प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद पटना की ACJM 12 कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए पेश किया। सवाल-3: सुनील नायक की गिरफ्तारी की घटना के पीछे की राजनीति है क्या? जवाबः नायक की गिरफ्तारी की घटना में सीधे तौर पर आंध्र प्रदेश की राजनीति का रोल है। IPS अफसर नायक को जगन मोहन रेड्डी का करीबी माना जाता है। तेलगु देशम पार्टी (TDP) चीफ चंद्रबाबू नायडू की सरकार जून 2024 में आई। इसके बाद से पूर्व CM वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी (YSRCP) के करीबी कई IPS अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से सस्पेंशन, एक्सटेंशन, अरेस्ट, ट्रांसफर और जांच के रूप में हुई हैं। जगन की पार्टी YSRCP इसे राजनीतिक बदला कहती है। जबकि, TDP सरकार इसे कानूनी कार्रवाई और पिछली सरकार के दौरान हुए पावर के मिसयूज की जांच बताती है। नायक पर आंध्रा पुलिस की कार्रवाई भी इसी कड़ी का हिस्सा है। इसे नायडू सरकार के आने के बाद जगन के करीबी अफसरों पर हुई कार्रवाई से समझिए… सवाल-4ः IPS सुनील को क्या बिहार सरकार से मदद मिल सकती है? जवाबः उम्मीद कम है। क्योंकि बिहार और आंध्र प्रदेश, दोनों जगह NDA की सरकार है। भाजपा सरकार में साझेदार है। अब जब नायक पर नायडू सरकार कार्रवाई करना चाह रही है तो भाजपा इसे रोकने का प्रयास नहीं करेगी।  

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