नीतीश के दिल्ली जाने से क्या-क्या बदलेगा:शराबबंदी खत्म हो सकती है, प्रशांत किशोर-तेजस्वी क्या मजबूत होंगे, 5 बड़े बदलाव संभव

नीतीश के दिल्ली जाने से क्या-क्या बदलेगा:शराबबंदी खत्म हो सकती है, प्रशांत किशोर-तेजस्वी क्या मजबूत होंगे, 5 बड़े बदलाव संभव

दो दशकों से अधिक समय तक ‘सुशासन’ और सामाजिक संतुलन की राजनीति करने वाले नीतीश कुमार अब दिल्ली जा रहे हैं। आज राज्यसभा सदस्य चुन लिए जाएंगे। अप्रैल के दूसरे हफ्ते में सांसदी की शपथ और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। यह बदलाव सिर्फ चेहरे का नहीं, बल्कि विचारधारा, नीतियों और सत्ता के समीकरण का भी है। नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से बिहार में क्या-क्या बदल जाएगा, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। नीतीश के दिल्ली जाने से 5 बड़े बदलाव संभव 1. पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री होगा पार्टी की स्थापना के 45 साल बाद भी भाजपा बिहार में आज तक अपना मुख्यमंत्री नहीं बना पाई है। नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के बाद अगला मुख्यमंत्री भाजपा का ही होगा। सूत्रों की मानें तो भाजपा अब 23 साल पुरानी वाली गलती नहीं करना चाहेगी। वह नीतीश कुमार के अलावा JDU के किसी और नेता को CM नहीं बनाएगी। दरअसल, नीतीश कुमार के पास भाजपा की बात मानने के अलावा कोई ऑप्शन भी नहीं है। इसे ऐसे समझिए… BJP की तरफ से CM रेस में इनका नाम आगे 2. धर्म की सियासत आगे बढ़ सकती है नीतीश कुमार मंडलवाद की राजनीति के दौर के आखिरी नेता हैं। उनके दिल्ली जाते ही बिहार से उस पीढ़ी से आने वाले नेता खत्म हो जाएंगे। 3. खत्म हो सकती है शराबबंदी सियासी गलियारे में चर्चा है कि भाजपा के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य से शराबबंदी कानून खत्म हो सकती है। या इसमें ढील दी जा सकती है। इन कयासों को बल 7 मार्च को भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के बिहार चैप्टर की वार्षिक बैठक में डिप्टी CM सम्राट चौधरी के बयानों से मिला। 4. नीतीश के बिना JDU कमजोर हो सकती है नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार राजनीति में आ चुके हैं। बताया जा रहा है कि वह नई सरकार में डिप्टी CM बन सकते हैं। लेकिन JDU में नेतृत्व का संकट बरकरार है। 5. तेजस्वी-प्रशांत किशोर के लिए मौका नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर को अब सीधे भाजपा से मुकाबला करना होगा। यह तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर के लिए चुनौती है तो अवसर भी है। दो दशकों से अधिक समय तक ‘सुशासन’ और सामाजिक संतुलन की राजनीति करने वाले नीतीश कुमार अब दिल्ली जा रहे हैं। आज राज्यसभा सदस्य चुन लिए जाएंगे। अप्रैल के दूसरे हफ्ते में सांसदी की शपथ और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। यह बदलाव सिर्फ चेहरे का नहीं, बल्कि विचारधारा, नीतियों और सत्ता के समीकरण का भी है। नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से बिहार में क्या-क्या बदल जाएगा, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। नीतीश के दिल्ली जाने से 5 बड़े बदलाव संभव 1. पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री होगा पार्टी की स्थापना के 45 साल बाद भी भाजपा बिहार में आज तक अपना मुख्यमंत्री नहीं बना पाई है। नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के बाद अगला मुख्यमंत्री भाजपा का ही होगा। सूत्रों की मानें तो भाजपा अब 23 साल पुरानी वाली गलती नहीं करना चाहेगी। वह नीतीश कुमार के अलावा JDU के किसी और नेता को CM नहीं बनाएगी। दरअसल, नीतीश कुमार के पास भाजपा की बात मानने के अलावा कोई ऑप्शन भी नहीं है। इसे ऐसे समझिए… BJP की तरफ से CM रेस में इनका नाम आगे 2. धर्म की सियासत आगे बढ़ सकती है नीतीश कुमार मंडलवाद की राजनीति के दौर के आखिरी नेता हैं। उनके दिल्ली जाते ही बिहार से उस पीढ़ी से आने वाले नेता खत्म हो जाएंगे। 3. खत्म हो सकती है शराबबंदी सियासी गलियारे में चर्चा है कि भाजपा के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य से शराबबंदी कानून खत्म हो सकती है। या इसमें ढील दी जा सकती है। इन कयासों को बल 7 मार्च को भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के बिहार चैप्टर की वार्षिक बैठक में डिप्टी CM सम्राट चौधरी के बयानों से मिला। 4. नीतीश के बिना JDU कमजोर हो सकती है नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार राजनीति में आ चुके हैं। बताया जा रहा है कि वह नई सरकार में डिप्टी CM बन सकते हैं। लेकिन JDU में नेतृत्व का संकट बरकरार है। 5. तेजस्वी-प्रशांत किशोर के लिए मौका नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर को अब सीधे भाजपा से मुकाबला करना होगा। यह तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर के लिए चुनौती है तो अवसर भी है।  

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