क्या है WCA, जो IPL को नहीं मानता दुनिया की टॉप लीग? राशिद-संगाकारा हैं सदस्य, ये दिग्गज भी शामिल

क्या है WCA, जो IPL को नहीं मानता दुनिया की टॉप लीग? राशिद-संगाकारा हैं सदस्य, ये दिग्गज भी शामिल

WCA ranks IPL third after The Hundred and SA20: क्रिकेट जगत में एक नई बहस छिड़ गई है। वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन (WCA) ने घरेलू टी20 लीगों की एक रैंकिंग जारी की है, जिसमें इंडियन प्रीमियर लीग को तीसरे स्थान पर रखा गया है। इस सूची में इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड’ पहले और दक्षिण अफ्रीका की ‘एसए20’ दूसरे स्थान पर है। दुनिया की सबसे अमीर और सबसे लोकप्रिय क्रिकेट लीग मानी जाने वाली आईपीएल को इस तरह तीसरे पायदान पर रखना क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

डब्ल्यूसीए यानी वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो दुनिया भर के पेशेवर क्रिकेटरों के हितों की रक्षा करले का दावा करता है। यह संगठन खिलाड़ियों के अधिकार, कल्याण और क्रिकेट के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर काम करता है। इसके सदस्य दुनिया के कई देशों के नामी क्रिकेटर हैं, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रहे हैं।

WCA के प्रमुख सदस्य

डब्ल्यूसीए की अध्यक्षता ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेटर लिसा स्थालकर करती हैं। संगठन में दुनियाभर के दिग्गज खिलाड़ी शामिल हैं। पुरुष वर्ग में श्रीलंका के महान विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगाकारा (Kumar Sangakkara), अफगानिस्तान के ऑलराउंडर राशिद खान (Rashid Khan), ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस (Pat Cummins), न्यूजीलैंड के विस्फोटक ऑलराउंडर डेरिल मिचेल (Daryl Mitchell), वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर जेसन होल्डर (Jason Holder) और दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा (Temba Bavuma) जैसे सितारे शामिल हैं।

महिला वर्ग में डब्ल्यूसीए की अध्यक्ष लिसा स्थालकर के अलावा ऑस्ट्रेलिया की विकेटकीपर बल्लेबाज एलिसा हेली (Alyssa Healy) और दक्षिण अफ्रीका की स्टार बल्लेबाज लॉरा वोल्वार्ट (Laura Wolvaardt) भी संगठन की सदस्य हैं।

क्या है रैंकिंग का पैमाना?

दुनियाभर की डॉमेस्टिक लीगों की रैंकिंग तय करने के लिए कई पैमानों को आधार बनाया है। इनमें खिलाड़ियों के साथ व्यवहार, उनकी भागीदारी की स्वतंत्रता, अनुबंध की शर्तें, खिलाड़ी कल्याण नीतियां और लीग की अंतरराष्ट्रीय पहुंच शामिल हैं। संगठन का मानना है कि द हंड्रेड और एसए20 ने खिलाड़ियों को ज्यादा स्वतंत्रता और बेहतर सुविधाएं दी हैं। हालांकि, इन मानदंडों में आईपीएल के आर्थिक पहलू, दर्शकों की संख्या और दुनियाभर में फैन-फॉलेइंग को महत्व नहीं दिया गया, जिस पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

क्या भारत के बिना मुमकिन है ‘वर्ल्ड क्रिकेट’ का प्रतिनिधित्व?

डब्ल्यूसीए की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि इस संगठन में एक भी भारतीय क्रिकेटर शामिल नहीं है। यह एक गंभीर विरोधाभास है, एक ऐसा संगठन जो खुद को ‘वर्ल्ड क्रिकेटर्स’ का प्रतिनिधि बताता है, लेकिन दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट मार्केट और सबसे बड़े फैनबेस वाले देश भारत का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।

आज के दौर में भारत के बिना विश्व क्रिकेट की कल्पना करना असंभव है। BCCI दुनिया का सबसे शक्तिशाली क्रिकेट बोर्ड है और आईपीएल का रेवेन्यू, ब्रॉडकास्ट राइट्स और ग्लोबल फैन बेस किसी भी अन्य लीग से कहीं ज्यादा है। इसके अलावा आधा दर्जन आईसीसी ट्रॉफी आज की तारीख में भारत के पास हैं। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों और भारतीय पर्सपेक्टिव के बिना तैयार की गई रैंकिंग को ‘वैश्विक’ कहना न केवल अनुचित है, बल्कि भ्रामक भी है। डब्ल्यूसीए को अपनी विश्वसनीयता बढ़ानी है तो उसे भारत को इस संवाद में शामिल करना ही होगा।

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