क्या है AD-08 माजिद? जिसने बीच आसमान में तोड़ा सुपरपावर का गुरूर, जानें इसकी रेंज और मारक क्षमता

क्या है AD-08 माजिद? जिसने बीच आसमान में तोड़ा सुपरपावर का गुरूर, जानें इसकी रेंज और मारक क्षमता

Majid Air Defense System: ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के बीच ईरान के स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम AD-08 माजिद ने अमेरिकी फाइटर जेट्स को निशाना बनाकर सुपरपावर अमेरिका का गुरूर चूर कर दिया। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि इस सिस्टम ने हाल के दिनों में अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल और A-10 वॉर्थॉग जैसे जेट्स को मार गिराया है। विशेषज्ञों का मानना है कि माजिद ने लो-अल्टीट्यूड पर उड़ रहे अमेरिकी विमानों को इंफ्रारेड गाइडेंस से ट्रैक कर सफलतापूर्वक नष्ट किया।

ईरान की डिफेंस इंडस्ट्रीज ऑर्गनाइजेशन द्वारा विकसित AD-08 माजिद एक शॉर्ट-रेंज, लो-अल्टीट्यूड सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम है। इसे 2021 में पहली बार मिलिट्री परेड में प्रदर्शित किया गया था। यह पूरी तरह स्वदेशी है और ट्रक (खासकर Aras-2 4×4 वाहन) पर माउंटेड होने के कारण अत्यधिक मोबाइल है। सिस्टम 360 डिग्री कवरेज देता है और एक साथ चार अलग-अलग लक्ष्यों (ड्रोन, क्रूज मिसाइल, हेलीकॉप्टर या लो-फ्लाइंग एयरक्राफ्ट) पर हमला कर सकता है।

माजिद की तकनीकी क्षमता

रेंज: मिसाइल की प्रभावी फायरिंग रेंज 700 मीटर से 8 किलोमीटर तक है। इंफ्रारेड सेंसर्स की डिटेक्शन रेंज 15 किलोमीटर है, जबकि कशिफ-99 फेज्ड ऐरे रडार से जोड़ने पर यह 12-30 किलोमीटर तक बढ़ सकती है।
ऊंचाई (Altitude): 20 मीटर से 6 किलोमीटर तक ऊंचाई पर उड़ रहे लक्ष्यों को निशाना बना सकता है।
गाइडेंस सिस्टम: रडार पर निर्भर नहीं, बल्कि पैसिव इमेजिंग इंफ्रारेड (हीट सिग्नेचर) और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग का इस्तेमाल करता है। इससे यह स्टेल्थ विमानों (जैसे F-35) के खिलाफ भी प्रभावी है क्योंकि यह कोई रडार सिग्नल नहीं छोड़ता, जिससे दुश्मन को चेतावनी नहीं मिलती।

मिसाइल स्पेसिफिकेशन: प्रत्येक AD-08 मिसाइल का वजन 75 किलो, लंबाई 2.67 मीटर, व्यास 156 मिमी। मिसाइल मैक 2 की स्पीड से उड़ती है और 14 किलो वारहेड ले जाती है। लॉन्च के बाद मिसाइल स्वायत्त रूप से लक्ष्य की तलाश करती है।
मोबिलिटी: वाहन 100 किमी/घंटा की स्पीड से दौड़ सकता है और 500 किमी तक का रेंज रखता है, जिससे लॉन्च के बाद तुरंत जगह बदलना आसान है।

कैसे काम करता है माजिद?

माजिद सिस्टम आसमान से आने वाले खतरे को तेजी से पहचानता है। इंफ्रारेड सेंसर्स हीट सिग्नेचर से लक्ष्य को ट्रैक करते हैं। एक बार लॉक होने पर मिसाइल लॉन्च हो जाती है और बिना किसी आगे के निर्देश के लक्ष्य को नष्ट कर देती है। यह खासकर लो-अल्टीट्यूड पर उड़ रहे विमानों और ड्रोन के खिलाफ घातक साबित हुआ है। युद्ध शुरू होने के बाद माजिद ने MQ-9 रीपर और हेरॉन जैसे कई अमेरिकी-इजरायली UAVs को भी मार गिराया।

ईरानी सेना का दावा है कि माजिद ने अमेरिकी जेट्स को तब मारा जब वे बहुत नीचे उड़ रहे थे। इससे अमेरिका की एयर सुपीरियॉरिटी को बड़ा झटका लगा है। विशेषज्ञ कहते हैं कि इंफ्रारेड गाइडेंस की वजह से माजिद रडार-आधारित डिफेंस सिस्टम्स से ज्यादा छिपा रह सकता है, जिससे दुश्मन के सप्रेशन ऑफ एयर डिफेंस (SEAD) मिशन मुश्किल हो जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *