मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र के रेड लाइट एरिया से आज 6 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू हुआ है। दो घरों में छापेमारी के दौरान कुल 9 महिलाओं को बरामद किया गया है, जिनमें 6 नाबालिग लड़कियां हैं। सभी से पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई सिटी एसपी कोटा किरण कुमार के निर्देश पर की गई। पूरी जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को देह व्यापार की सूचना दिल्ली स्थित एक एनजीओ और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के एंटी ट्रैफिकिंग सेल (ATC) से मिली थी। रेड लाइट एरिया में नाबालिग लड़कियों से जबरन वेश्यावृत्ति कराई जा रही थी। लड़कियों की होगी काउंसलिंग सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने बताया कि एनजीओ और ATC की सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान 6 नाबालिग लड़कियों और 3 अन्य महिलाओं को पकड़ा गया। सभी लड़कियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उन्हें काउंसलिंग और पुनर्वास की सुविधा दी जा रही है। रेस्क्यू फाउंडेशन की जांच में सामने आई हकीकत रेस्क्यू फाउंडेशन, दिल्ली के इन्वेस्टिगेशन इंचार्ज अक्षय पांडेय ने जानकारी दी। इन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान यह सामने आया कि रेड लाइट एरिया में मौजूद अधिकांश लड़कियां स्थानीय नहीं हैं। वे पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों से लाई गई हैं। अक्षय पांडेय ने बताया कि यहां लड़कियां कथित “बुआ” या “मौसी” के घरों में रहती थीं। लेकिन जांच में स्पष्ट हुआ कि ये महिलाएं उनकी सगी रिश्तेदार नहीं हैं, बल्कि वेश्यालय संचालक (ब्रॉथल ओनर) हैं। ये महिलाएं लड़कियों को किरायेदार के नाम पर अपने घरों में रखती हैं और धमकाकर उनसे जबरन वेश्यावृत्ति कराती हैं। लड़कियों से बातचीत में पता चला कि वे पूरी तरह से फंसी हुई थीं और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं देख पा रही थीं। रेस्क्यू टीम ने बताया कि आशंका है कि यह गिरोह अन्य राज्यों से नाबालिग लड़कियों की खरीद-बिक्री कर उन्हें यहां लाता है और डर-धमकी देकर उनसे वेश्यावृत्ति कराता है। अमानवीयता और अपराध का बड़ा नेटवर्क अक्षय पांडेय ने कहा कि ये ब्रॉथल ओनर न केवल अवैध वेश्यावृत्ति को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि समाज में अमानवीयता और अपराध फैलाने का काम कर रही हैं। मासूम लड़कियों को छल, भय और मजबूरी के सहारे इस दलदल में धकेला जाता है। उनके सपने, भविष्य और सम्मान को कुचल दिया जाता है। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि इंसानियत पर हमला है। सिटी एसपी ने कहा कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग लड़कियों को पुनर्वास और काउंसलिंग की सुविधा दी जा रही है। मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र के रेड लाइट एरिया से आज 6 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू हुआ है। दो घरों में छापेमारी के दौरान कुल 9 महिलाओं को बरामद किया गया है, जिनमें 6 नाबालिग लड़कियां हैं। सभी से पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई सिटी एसपी कोटा किरण कुमार के निर्देश पर की गई। पूरी जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को देह व्यापार की सूचना दिल्ली स्थित एक एनजीओ और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के एंटी ट्रैफिकिंग सेल (ATC) से मिली थी। रेड लाइट एरिया में नाबालिग लड़कियों से जबरन वेश्यावृत्ति कराई जा रही थी। लड़कियों की होगी काउंसलिंग सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने बताया कि एनजीओ और ATC की सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान 6 नाबालिग लड़कियों और 3 अन्य महिलाओं को पकड़ा गया। सभी लड़कियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उन्हें काउंसलिंग और पुनर्वास की सुविधा दी जा रही है। रेस्क्यू फाउंडेशन की जांच में सामने आई हकीकत रेस्क्यू फाउंडेशन, दिल्ली के इन्वेस्टिगेशन इंचार्ज अक्षय पांडेय ने जानकारी दी। इन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान यह सामने आया कि रेड लाइट एरिया में मौजूद अधिकांश लड़कियां स्थानीय नहीं हैं। वे पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों से लाई गई हैं। अक्षय पांडेय ने बताया कि यहां लड़कियां कथित “बुआ” या “मौसी” के घरों में रहती थीं। लेकिन जांच में स्पष्ट हुआ कि ये महिलाएं उनकी सगी रिश्तेदार नहीं हैं, बल्कि वेश्यालय संचालक (ब्रॉथल ओनर) हैं। ये महिलाएं लड़कियों को किरायेदार के नाम पर अपने घरों में रखती हैं और धमकाकर उनसे जबरन वेश्यावृत्ति कराती हैं। लड़कियों से बातचीत में पता चला कि वे पूरी तरह से फंसी हुई थीं और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं देख पा रही थीं। रेस्क्यू टीम ने बताया कि आशंका है कि यह गिरोह अन्य राज्यों से नाबालिग लड़कियों की खरीद-बिक्री कर उन्हें यहां लाता है और डर-धमकी देकर उनसे वेश्यावृत्ति कराता है। अमानवीयता और अपराध का बड़ा नेटवर्क अक्षय पांडेय ने कहा कि ये ब्रॉथल ओनर न केवल अवैध वेश्यावृत्ति को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि समाज में अमानवीयता और अपराध फैलाने का काम कर रही हैं। मासूम लड़कियों को छल, भय और मजबूरी के सहारे इस दलदल में धकेला जाता है। उनके सपने, भविष्य और सम्मान को कुचल दिया जाता है। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि इंसानियत पर हमला है। सिटी एसपी ने कहा कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग लड़कियों को पुनर्वास और काउंसलिंग की सुविधा दी जा रही है।


