Weight Loss Injection: सावधान! सुई छोड़ते ही रॉकेट की स्पीड से बढ़ेगा वजन, ऑक्सफोर्ड की रिपोर्ट ने उड़ाए होश

Weight Loss Injection: सावधान! सुई छोड़ते ही रॉकेट की स्पीड से बढ़ेगा वजन, ऑक्सफोर्ड की रिपोर्ट ने उड़ाए होश

Weight Loss Injection: आजकल सोशल मीडिया से लेकर सेलेब्रिटी इंटरव्यू तक, वजन घटाने वाले इंजेक्शन की खूब चर्चा है। Ozempic, Wegovy और Zepbound जैसी दवाओं को लेकर दावा किया जाता है कि बस इंजेक्शन लगाइए और तेजी से वजन कम हो जाएगा। लेकिन हालिया रिसर्च बताती है कि शरीर की अपनी एक योजना होती है, जिसे लंबे समय तक धोखा नहीं दिया जा सकता।

ऑक्सफोर्ड स्टडी ने खोली पोल

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और BMJ में प्रकाशित एक नई स्टडी में 37 क्लीनिकल रिसर्च और 9,041 लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया। इस रिसर्च का सबसे बड़ा खुलासा यह है कि वजन घटाने वाले इंजेक्शन बंद करने के 2 साल के भीतर ही वजन वापस बढ़ने लगता है। कई मामलों में वजन बढ़ने की रफ्तार सामान्य डाइटिंग के बाद वजन बढ़ने से भी चार गुना ज्यादा तेज पाई गई।

दवाएं कैसे करती हैं काम?

ये दवाएं GLP-1 ग्रुप की होती हैं। ये दिमाग को यह सिग्नल देती हैं कि पेट भर गया है, जिससे भूख कम लगती है। साथ ही पाचन की रफ्तार भी धीमी कर देती हैं। नतीजा कम खाना, जल्दी वजन कम होना। लेकिन जैसे ही दवा बंद होती है, शरीर के ये “ब्रेक” हट जाते हैं। भूख वापस तेज हो जाती है और शरीर पहले से ज्यादा फैट स्टोर करने लगता है।

क्यों तेजी से लौटता है वजन?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब कोई व्यक्ति डाइटिंग करता है, तो वह अपनी भूख और खाने की आदतों पर कंट्रोल करना सीखता है। लेकिन इंजेक्शन लेने वाले लोग इस कंट्रोल की आदत नहीं डाल पाते। पूरा भरोसा दवा पर रहता है। इसी वजह से दवा छोड़ते ही वजन बहुत तेजी से वापस आता है। इसे शोधकर्ताओं ने “मेटाबॉलिक हार्टब्रेक” का नाम दिया है।

शॉर्ट-टर्म समाधान नहीं हैं ये दवाएं

भले ही सेलेब्रिटी और सोशल मीडिया इन्हें जादुई समाधान की तरह पेश करें, लेकिन ये इंजेक्शन कोई शॉर्ट-टर्म फिक्स नहीं हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन्हें ब्लड प्रेशर या शुगर की दवा की तरह देखना चाहिए। जब तक लेंगे, तब तक ही असर रहेगा।

साइड इफेक्ट और भारी खर्च

कई लोग साइड इफेक्ट्स जैसे मतली, उल्टी, कमजोरी या पेट की दिक्कतों के कारण दवा छोड़ देते हैं। इसके अलावा इन दवाओं की कीमत भी काफी ज्यादा होती है, खासकर अमेरिका जैसे देशों में। सप्लाई की कमी भी एक बड़ी वजह है।

क्या सपोर्ट सिस्टम से फर्क पड़ता है?

स्टडी में यह भी देखा गया कि काउंसलिंग या सपोर्ट मिलने के बावजूद वजन दोबारा बढ़ा। यानी सिर्फ सलाह या मोटिवेशन भी इस वजन वापसी को पूरी तरह रोक नहीं पाता। वजन घटाने के लिए इंजेक्शन आसान रास्ता लग सकते हैं, लेकिन लंबे समय में स्थायी समाधान नहीं हैं। टिकाऊ वजन घटाने के लिए सही खान-पान, नियमित एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल में बदलाव ही सबसे भरोसेमंद तरीका है।

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