गोपालगंज में बदला मौसम का मिजाज, घना कोहरा:सुबह पछुआ हवा चली,धूल-धुंध के कारण वायु गुणवत्ता पर पड़ा असर

गोपालगंज में बदला मौसम का मिजाज, घना कोहरा:सुबह पछुआ हवा चली,धूल-धुंध के कारण वायु गुणवत्ता पर पड़ा असर

गोपालगंज जिले में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मार्च महीने में भी सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई और जनजीवन प्रभावित हुआ। सुबह की शुरुआत धुंध की सफेद चादर के साथ हुई, जिसने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया। वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा, जिससे यातायात की रफ्तार धीमी रही। जिले में पछुआ हवा का प्रकोप बना हुआ है। बर्फीली वादियों से आ रही इन ठंडी हवाओं ने सिहरन बढ़ा दी है। इसके साथ ही आसमान में काले बादल छाए हुए हैं, जिससे सूरज की तपिश धरती तक नहीं पहुंच पा रही है। न्यूनतम तापमान 21°C मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और नमी के स्तर में बढ़ोतरी के कारण वातावरण में धुंध और बादलों की स्थिति बनी हुई है। जिले का न्यूनतम तापमान 21°C के आसपास दर्ज किया गया है। सुबह और रात के समय ठंडी हवाओं के कारण ठंड का अहसास अधिक हो रहा है। धूल-धुंध के कारण वायु गुणवत्ता पर पड़ा असर घने कोहरे और बादलों की मौजूदगी के कारण दिन का अधिकतम तापमान 34°C तक रहने का अनुमान है। हालांकि, धूप न निकलने की स्थिति में पारा इससे नीचे भी रह सकता है। मौसम में आए इस बदलाव और धूल-धुंध के कारण वायु गुणवत्ता पर भी असर पड़ा है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पछुआ हवा के साथ बूंदाबांदी होती है, तो यह फसलों के लिए मिश्रित परिणाम दे सकती है। गोपालगंज जिले में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मार्च महीने में भी सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई और जनजीवन प्रभावित हुआ। सुबह की शुरुआत धुंध की सफेद चादर के साथ हुई, जिसने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया। वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा, जिससे यातायात की रफ्तार धीमी रही। जिले में पछुआ हवा का प्रकोप बना हुआ है। बर्फीली वादियों से आ रही इन ठंडी हवाओं ने सिहरन बढ़ा दी है। इसके साथ ही आसमान में काले बादल छाए हुए हैं, जिससे सूरज की तपिश धरती तक नहीं पहुंच पा रही है। न्यूनतम तापमान 21°C मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और नमी के स्तर में बढ़ोतरी के कारण वातावरण में धुंध और बादलों की स्थिति बनी हुई है। जिले का न्यूनतम तापमान 21°C के आसपास दर्ज किया गया है। सुबह और रात के समय ठंडी हवाओं के कारण ठंड का अहसास अधिक हो रहा है। धूल-धुंध के कारण वायु गुणवत्ता पर पड़ा असर घने कोहरे और बादलों की मौजूदगी के कारण दिन का अधिकतम तापमान 34°C तक रहने का अनुमान है। हालांकि, धूप न निकलने की स्थिति में पारा इससे नीचे भी रह सकता है। मौसम में आए इस बदलाव और धूल-धुंध के कारण वायु गुणवत्ता पर भी असर पड़ा है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पछुआ हवा के साथ बूंदाबांदी होती है, तो यह फसलों के लिए मिश्रित परिणाम दे सकती है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *