पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण शनिवार को हाड़ौती अंचल में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। सड़कों पर ओलों की चादर बिछ गई। इस सीजन में यह दूसरी बार हाड़ौती अंचल में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। इससे किसानों को फसलों में खास नुकसान होने का अंदेशा है।
मौसम विभाग ने भी कोटा संभाग में बारिश व ओलावृष्टि को लेकर यलो अलर्ट जारी किया था। कोटा शहर में सुबह मौसम साफ रहा। तेज धूप खिली। गर्मी के चलते लोग पसीने से तर रहे। शाम ढलने के बाद बादल छाए और ठंडी हवा चलती रही। कोटा शहर का अधिकतम तापमान 1 डिग्री गिरकर 34.4 व न्यूनतम तापमान 22.7 डिग्री सेल्सियस रहा।
मंडाना, जगपुरा व सुकेत में गिरे ओले
कोटा जिले में मंडाना, कुंदनपुर, जगपुरा, रानपुर और लखावा, सुकेत क्षेत्र में ओले भी गिरे। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल कटाई का कार्य चल रहा था जो बारिश के कारण प्रभावित हुआ। वहीं कटी फसल के भीगने से उसकी गुणवत्ता कम होगी जिससे उचित मूल्य में उतार-चढ़ाव आएगा। बूंदी जिले में । नैनवां क्षेत्र में करीब दस मिनट तक बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से सड़कों पर ओलों की चादर बिछ गई।
लाखेरी, खटकड़ व बड़ाखेड़ा में कुछ देर के लिए ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई। बूंदी शहर में करीब तीन बजे बारिश होने से सड़कों पर पानी बह निकला। झालावाड़ जिले में सुबह से मौसम साफ रहा, लेकिन शाम 4 बजे झालावाड़ में कुछ देर बारिश हुई। बारां जिले में करीब 15 मिनट तक तेज हवा और बारिश से मंडी में रखी किसानों व व्यापारियों की कृषि जिंसें भीग गईं। किशनगंज क्षेत्र के आंकोदिया गांव के आसपास तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि हुई। यहां चने के आकार के ओले गिरे।
आगे ऐसा रहेगा मौसम
मौसम केन्द्र के अनुसार, राज्य के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इसके असर से बारिश व ओलावृष्टि हो रही है। जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में 6 अप्रेल को दोपहर बाद एक और नया मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से राज्य के कुछ भागों में पुनः तेज आंधी-बारिश गतिविधियां दर्ज होने की प्रबल संभावना है।
7 अप्रेल को विक्षोभ का सर्वाधिक असर होने से जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में तेज मेघगर्जन, आंधी (50-60किमी प्रति घंटे की रफ्तार) व कहीं-कहीं ओलावृष्टि, मध्यम से तेज बारिश होने की प्रबल संभावना है। 8 अप्रेल को उत्तरी व पूर्वी भागों में कहीं-कहीं हल्की मध्यम बारिश होने व शेष अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।


