बांग्लादेश सरकार के खेल सलाहकार ने टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के लिए बीसीबी और खिलाड़ियों को दोषी बताते हुए इस मुद्दे को फिर से गर्मा दिया है। बांग्लादेश के प्लेयर्स और बीसीबी ने दावा किया है कि टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने में उनका कोई हाथ नहीं था। ये सब सरकार का ही किया धरा था।
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC), बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB), पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के बीच विवाद सुलझ गया है। लेकिन, बांग्लादेश सरकार के खेल सलाहकार ने इस मुद्दे को फिर से गर्मा दिया है, क्योंकि उसके खेल सलाहकार ने टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के अपने वादे से मुकर गए हैं। उन्होंने इसके लिए बीसीबी और खिलाड़ियों के सिर ही यह कहते हुए ठीकरा फोड़ दिया वे ही भारत नहीं जाना चाहते थे। वहीं, अब एक रिपोर्ट में खिलाड़ियों ने दावा किया है कि टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने में उनका कोई हाथ नहीं था। मतलब ये सब सरकार का ही किया धरा था।
बांग्लादेश सरकार में खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने अपने वादे से मुकरते हुए कहा कि बीसीसी और खिलाड़ी ही थे, जो यात्रा करने में हिचकिचा रहे थे। उन्होंने कहा कि ये यह फैसला बीसीबी और क्रिकेटरों ने लिया था। उन्होंने खुद देश के क्रिकेट की सुरक्षा, देश के लोगों की सुरक्षा के लिए कुर्बानी दी है। बांग्लादेश की इज्जत बनाए रखने में उन्होंने जो भूमिका निभाई, उसे हमेशा मिसाल के तौर पर याद किया जाएगा। ये बयान 22 जनवरी के पिछले कमेंट के उलट था, जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं सबको साफ कर रहा हूं कि सुरक्षा की चिंताओं को देखते हुए, भारत में वर्ल्ड कप न खेलने का फैसला सरकार का है।
नजरुल के बयान से नाराज हुए बांग्लादेशी क्रिकेटर
नजरुल के इस चौंकाने वाले यू-टर्न से बांग्लादेश के क्रिकेटर नाराज हैं। सबको पता है कि क्रिकेटर इंडिया के लिए फ्लाइट लेने को तैयार थे, क्योंकि वे वर्ल्ड कप की अहमियत और हिस्सा न लेने के नतीजों को समझते थे। आईसीसी से उन्हें अपने रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा मिलता है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सरकार मीटिंग के दौरान क्रिकेटरों की बात सुनने को भी तैयार नहीं थी, जिससे नजरुल का बोर्ड और खिलाड़ियों पर इल्जाम लगाना चौंकाने वाला है।
‘वर्ल्ड कप से बाहर होने में हमारा कोई हाथ नहीं’
बांग्लादेश के एक खिलाड़ी ने नाम न बताने की शर्त पर द डेली स्टार को बताया कि यह मजेदार था। वहीं, एक और खिलाड़ी ने कहा कि आपने सुना कि उसने क्या कहा? हम क्या कह सकते हैं? हमारा कोई नहीं है। हम लाचार हैं। हमें नहीं पता कि क्या कहना है, क्योंकि वर्ल्ड कप से बाहर होने में हमारा कोई हाथ नहीं था। कई बातें समझने के लिए कहने की जरूरत नहीं होती। हमें किसी भी तरफ से कोई मदद नहीं मिली।
‘यह कभी भी बीसीबी या खिलाड़ियों का फैसला नहीं था’
इतना ही नहीं नजरुल के बयान से बीसीबी ऑफिस में भी हलचल देखी गई और कुछ अधिकारियों ने इस पर एतराज जताया। एक बीसीबी डायरेक्टर के हवाले से कहा गया कि उन्होंने (नज़रुल) पहले कुछ अलग कहा था और अब कुछ और कह रहे हैं। उन्होंने खुद पहले ही कहा था कि टीम नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कभी भी बीसीबी या खिलाड़ियों का फैसला नहीं था, इसलिए जिम्मेदारी बदलने की कोई गुंजाइश नहीं है।
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