‘हम है इसलिए सुरक्षित है नहीं तो एक समुदाय आपका…’, जब सभा में ममता ने मुसलमानों से कही ये बात

‘हम है इसलिए सुरक्षित है नहीं तो एक समुदाय आपका…’, जब सभा में ममता ने मुसलमानों से कही ये बात

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए मुस्लिम फैक्टर चुनावी रणनीति का सबसे मजबूत आधार रहा है। राज्य की आबादी में मुस्लिम लगभग 27-30% हैं, जो करीब 100-120 विधानसभा सीटों पर निर्णायक प्रभाव डालते हैं। 

West Bengal Assembly Elections 2026: बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में मतदान होगा। पहले चरण के लिए 23 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद प्रदेश में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। सभी पार्टियों ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया है और अपने प्रत्याशियों का ऐलान भी कर दिया है। जहां एक तरफ ममता बनर्जी एक बार फिर प्रदेश में सत्ता पर काबिज होना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी चुनाव जीतने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। 

जब ममता ने मुसलमानों को लेकर कही ये बात

विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग द्वारा किए गए SIR को लेकर जमकर विवाद हुआ। SIR को लेकर सीएम ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। बनर्जी ने SIR के विरोध में सड़क पर भी प्रदर्शन किए। 

इस दौरान SIR की एक विरोध सभा में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ममता बनर्जी ने मुसलमानों को लेकर एक बात कही। उन्होंने कहा कि हम हैं इसलिए आप सुरक्षित हैं। अगर हम किसी दिन न रहे, तो एक सेकंड लगेगा जब एक समुदाय इकट्ठा होकर आएगा और आपको घेर लेगा। फिर एक सेकंड में 12 बजा देगा, यानी खत्म कर देगा। अगर आपको इससे बचना है, तो बीजेपी के इस दुष्प्रचार में गलती मत करना। 

बयान के बाद हुआ विवाद

सीएम ममता बनर्जी का बयान वायरल होने के बाद बीजेपी ने पलटवार किया और इसे खुली धमकी तक बता दिया। बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी और अन्य ने कहा कि ममता डराकर वोट मांग रही हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कई यूजर्स ने इसे ‘खुलेआम चेतावनी’ बताया कि तृणमूल कांग्रेस की सरकार के बिना मुस्लिम समुदाय हिंदुओं को निशाना बना सकता है।

TMC के लिए मुसलमान फैक्टर

दरअसल, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए मुस्लिम फैक्टर चुनावी रणनीति का सबसे मजबूत आधार रहा है। राज्य की आबादी में मुस्लिम लगभग 27-30% हैं, जो करीब 100-120 विधानसभा सीटों पर निर्णायक प्रभाव डालते हैं। मुस्लिम बहुल वाली विधानसभा सीटों पर ममता बनर्जी की पार्टी का वर्चस्व रहा है। 

2021 विधानसभा चुनाव में 85 मुस्लिम-प्रभावित सीटों में से TMC ने 75 जीतीं थी, जबकि BJP को महज 5 मिलीं। 112 मुस्लिम-प्रभावित सीटों में TMC को 106 मिलीं, जिससे पार्टी को कुल बहुमत के लिए बाकी हिंदू-बहुल सीटों पर कम दबाव पड़ता है। 2024 लोकसभा में भी मुस्लिम वोटों का 73-83% TMC के साथ रहा, जो 2019 से 13% अधिक था।

2026 के लिए सजाई फील्डिंग

सीएम ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव 2026 के लिए पूरी तरह से फील्डिंग सजा दी है। ममता बनर्जी को पता है कि यदि सत्ता पर काबिज होना है तो मुस्लिम बहुल सीटों को हर हाल में जीतना होगा। इसलिए ममता ने गणित लगाया है कि 75 सीटें मुस्लिम वोट बैंक पर पक्की करो और फिर 75 सीटें महिलाओं के दम पर जीत हासिल करो। 

ममता के सामने क्या है चुनौती?

इस विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को मुस्लिम बहुल सीटों पर चुनौती मिल सकती है। टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी अलग पार्टी बना ली है। उन्होंने चुनाव की तारीख के ऐलान से पहले मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव भी रख दी है। ऐसे में इन सीटों पर ममता को हुमायूं कबीर और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी से चुनौती मिल सकती है। साथ ही ममता को वोटों के बिखराव का भी डर है। 

  

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