इटारसी-आमला रेल खंड में सुरक्षा के लिए डब्ल्यूबीएम फेंसिंग

इटारसी-आमला रेल खंड में सुरक्षा के लिए डब्ल्यूबीएम फेंसिंग

-रेलवे चला रही जन जागरण अभियान, पशु रन ओवर घटनाओं पर रोक लगाने की पहल।

बैतूल। मध्य रेल के नागपुर मंडल द्वारा इटारसी-आमला रेल खंड में ट्रेक सुरक्षा सुदृढ़ करने तथा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। रेलवे ट्रेक पर आवारा एवं पालतू पशुओं के आने से रेल परिचालन प्रभावित होने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंडल प्रशासन द्वारा ठोस कदम उठाए गए हैं।रेल प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया है कि रेलवे अधिनियम की धारा 154 एवं अन्य संबंधित धाराओं के अंतर्गत ट्रेक पर पशुओं के आने की स्थिति में संबंधित पशु मालिकों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। मध्य रेल, नागपुर मंडल यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है तथा आम नागरिकों से अपील की है कि वे रेलवे संपत्ति एवं ट्रेक की सुरक्षा में सहयोग करें और अपने पशुओं को रेलवे सीमा से दूर रखें, जिससे दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।
रेलवे यह चला रहा अभियान

  1. हार्ड फेंसिंग का निर्माण: किरतगढ़ से धाराखोह तक अप लाइन (किमी 751 /100 से 831/0) में डब्ल्यू-बीम फेंसिंग स्थापित की गई है। डाउन लाइन की ओर वायर मेश फेंसिंग लगाई गई है, जिससे पशुओं का रेल पथ में प्रवेश रोका जा सके।
  2. जनजागरण एवं परामर्श अभियान: किरतगढ़ से आमला तक रेलवे सीमा से सटे गांवों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को समझाइश दी जा रही है कि वे अपने पालतू पशुओं को रेलवे ट्रेक एवं परिसर के आसपास न छोड़ें। मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा ग्राम स्तर पर संपर्क कर काउंसलिंग के माध्यम से सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
  3. ग्राम पंचायत स्तर पर सूचना बैनर: किरतगढ़ से आमला तक स्टेशन परिसरों के समीप संबंधित ग्राम पंचायतों में चेतावनी एवं जनहित सूचना संबंधी बैनर लगाए गए हैं, जिनमें रेलवे ट्रेक पर पशुओं के प्रवेश से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं एवं कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी गई है।

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