सहरसा में हुई बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में गंभीर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 13 और वार्ड नंबर 36 में हालात सबसे अधिक खराब हैं, जहां गलियों और मोहल्लों में पानी भर जाने से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। इससे स्थानीय निवासियों को दैनिक कामकाज में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पैदल चलने को हो रही मुश्किल वार्ड नंबर 13 के निवासी मुन्ना मिश्रा ने बताया कि सड़कों पर लगभग एक फीट तक पानी जमा है। इस कारण पैदल चलने के साथ-साथ वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से जल्द से जल्द पानी निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। इसी प्रकार, वार्ड नंबर 36 में भी लोग जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं। कई स्थानों पर नालियों का पानी सड़कों पर फैल गया है, जिससे संक्रमण और बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या हर साल बारिश के दौरान आती है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। 42 घंटे तक हुई बारिश से समस्या कृषि मौसम वैज्ञानिक रामानंद पटेल ने जानकारी दी कि मार्च महीने में लगभग 42 घंटे तक हुई बारिश के कारण सहरसा जिले में 47 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से अधिक है। इस अत्यधिक बारिश को जलजमाव का एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है। स्थिति होगी सामान्य- नगर निगम आयुक्त सहरसा नगर निगम के आयुक्त प्रभात कुमार झा ने स्वीकार किया कि बारिश के कारण कई मोहल्लों में जलजमाव की समस्या पैदा हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर निगम द्वारा पानी निकासी के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। शहरवासी फिलहाल जलजमाव से राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं। सहरसा में हुई बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में गंभीर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 13 और वार्ड नंबर 36 में हालात सबसे अधिक खराब हैं, जहां गलियों और मोहल्लों में पानी भर जाने से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। इससे स्थानीय निवासियों को दैनिक कामकाज में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पैदल चलने को हो रही मुश्किल वार्ड नंबर 13 के निवासी मुन्ना मिश्रा ने बताया कि सड़कों पर लगभग एक फीट तक पानी जमा है। इस कारण पैदल चलने के साथ-साथ वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से जल्द से जल्द पानी निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। इसी प्रकार, वार्ड नंबर 36 में भी लोग जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं। कई स्थानों पर नालियों का पानी सड़कों पर फैल गया है, जिससे संक्रमण और बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या हर साल बारिश के दौरान आती है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। 42 घंटे तक हुई बारिश से समस्या कृषि मौसम वैज्ञानिक रामानंद पटेल ने जानकारी दी कि मार्च महीने में लगभग 42 घंटे तक हुई बारिश के कारण सहरसा जिले में 47 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से अधिक है। इस अत्यधिक बारिश को जलजमाव का एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है। स्थिति होगी सामान्य- नगर निगम आयुक्त सहरसा नगर निगम के आयुक्त प्रभात कुमार झा ने स्वीकार किया कि बारिश के कारण कई मोहल्लों में जलजमाव की समस्या पैदा हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर निगम द्वारा पानी निकासी के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। शहरवासी फिलहाल जलजमाव से राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं।


