शेखपुरा में सोमवार शाम जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। समाहरणालय स्थित ‘मंथन’ सभागार में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। डीएम ने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। बैठक के दौरान, जिला पदाधिकारी ने लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए विभागवार समीक्षा की। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता और नीलमपत्रवाद से संबंधित लंबित आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीएम ने स्पष्ट किया कि भूमि विवाद या अन्य कानूनी अड़चनों के कारण विकास कार्य बाधित नहीं होने चाहिए। ‘हर घर नल का जल’ योजना की समीक्षा करते हुए, डीएम ने उन वार्डों में युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए जहां अभी तक पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से शुरू नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में जल्द से जल्द जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड और जनसंवाद के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर पेंशन के लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने का निर्देश दिया गया, ताकि योग्य लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, भवन निर्माण, सिंचाई और पथ निर्माण विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की हिदायत दी गई। डीएम ने जोर देकर कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान, उप विकास आयुक्त संजय कुमार, अपर समाहर्ता (जांच) एवं सिविल सर्जन डॉ संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, भू-अर्जन पदाधिकारी एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता मृत्युंजय कुमार सहित जिला स्तरीय और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिला पदाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्राप्त शिकायतों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। शेखपुरा में सोमवार शाम जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। समाहरणालय स्थित ‘मंथन’ सभागार में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। डीएम ने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। बैठक के दौरान, जिला पदाधिकारी ने लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए विभागवार समीक्षा की। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता और नीलमपत्रवाद से संबंधित लंबित आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीएम ने स्पष्ट किया कि भूमि विवाद या अन्य कानूनी अड़चनों के कारण विकास कार्य बाधित नहीं होने चाहिए। ‘हर घर नल का जल’ योजना की समीक्षा करते हुए, डीएम ने उन वार्डों में युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए जहां अभी तक पेयजल की आपूर्ति सुचारू रूप से शुरू नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में जल्द से जल्द जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड और जनसंवाद के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर पेंशन के लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने का निर्देश दिया गया, ताकि योग्य लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, भवन निर्माण, सिंचाई और पथ निर्माण विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की हिदायत दी गई। डीएम ने जोर देकर कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान, उप विकास आयुक्त संजय कुमार, अपर समाहर्ता (जांच) एवं सिविल सर्जन डॉ संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, भू-अर्जन पदाधिकारी एवं भूमि सुधार उप समाहर्ता मृत्युंजय कुमार सहित जिला स्तरीय और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिला पदाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्राप्त शिकायतों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।


