शासकीय विभागों, निकायों, पंचायतों में काम करने वाले अस्थायी, आउटसोर्स कर्मचारियों, स्कीम वर्कर्स, सहकारिता एवं असंगठित ठेका श्रमिकों सहित अन्य सभी श्रमिक कर्मचारी संगठन 12 फरवरी को हड़ताल पर रहेंगे। सरकारी विभागों के निजीकरण, श्रम कानूनों को खत्म करने के खिलाफ यह आंदोलन किया जा रहा है। इस हड़ताल में प्रदेश भर के चार लाख कर्मचारी अधिकारी शामिल होने वाले हैं। आल डिपार्टमेंट आउटसोर्स अस्थायी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा के आह्वान पर हड़ताल को सरकारी विभागों के अस्थायी आउटसोर्स कर्मचारियों के दर्जनभर संगठनों ने समर्थन दिया है। इस दिन सभी जिलों में एक साथ धरना प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर पीएम-सीएम के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे। वासुदेव शर्मा ने कहा कि आज देश का हर मजदूर, हर अस्थायी कर्मचारी, हर स्कीम वर्कर अपने अधिकारों के लिए लड़ रहा है। सरकार द्वारा लेबर कोड, निजीकरण और ठेका प्रथा के नाम पर श्रमिकों के शोषण को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह हड़ताल अस्थायी, आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ-साथ प्रदेश के मेहनतकश वर्ग के आर्थिक हितों को संरक्षित कराने की लड़ाई है। 10 से 20 साल से काम कर रहे अस्थायी कर्मचारी आज भी असुरक्षा में हैं और 2 से 5 हजार रुपए में नौकरी करने को मजबूर हैं। सरकार ने सरकारी सेक्टर का निजीकरण करके सरकारी नौकरियां हमेशा हमेशा खत्म कर दी हैं, चपरासी तक की सरकारी नौकरी नहीं दी जा रही है, जिस कारण गरीब, मध्यम वर्ग आर्थिक संकट में फंस चुका है। इन मांगों को लेकर होगा प्रदर्शन


