भास्कर न्यूज | हसनपुर ऐसे तो सरकार की ओर से गांव से लेकर शहर तक आमलोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बहुतेरे योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। आमलोग इन योजनाओं से लाभान्वित भी हो रहे हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी पंचायत हैं, जहां योजनाओं का धरातल पर सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। हम बात कर रहे हैं दूधपुरा पंचायत की। इस पंचायत में सड़क, पेयजल व इलाज की सुविधा नदारद है। इस पंचायत के वार्डों में लोगों के घरों तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वार्डों में पेयजल आपूर्ति के लिए लगाया गया नल, सप्लाई पाइप व पानी टंकी शोभा की वस्तु बने हुए हैं। पेयजल आपूर्ति नहीं होने का मुख्य कारण पेयजल आपूर्ति के लिए लगाए गए सप्लाई पाइप का क्षतिग्रस्त होना है। किसी वार्ड में मोटर जलने की बात भी कही जा रही है। इस परिस्थिति में पंचायत के लोग चापाकल या फिर डब्बा बंद पानी के सहारे पेयजल आपूर्ति करने को विवश हैं। पंचायत की वार्डों में लोगों के घरों तक पेयजल आपूर्ति नहीं होने की जानकारी पंचायत प्रतिनिधि से लेकर विभागीय अधिकारी तक को है। लेकिन समस्या समाधान के लिए कहीं से कोई पहल नहीं किया जा रहा है। इसका परिणाम है कि पंचायत के लोगों को हर घर नल का जल योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पंचायत में ग्रामीण सड़क की स्थिति काफी जर्जर है। गांवों में ढलुआ सड़क हो या सोलिंग, मरम्मत के अभाव में ये जर्जर होते जा रहे हैं। ढलुआ सड़क की कंक्रीट उखड़ चुकी हैं। वहीं सोलिंग की ईंटें टूट चुकी हैं। सड़क की जर्जर हालत के कारण हल्की बारिश में भी लोगों को इससे होकर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सड़क व पेयजल समस्या के अलावा दूधपुरा पंचायत में इलाज की सुविधा भी नदारद है। इस पंचायत में कोई स्वास्थ्य केंद्र संचालित नहीं है। परिणाम यह है कि पंचायत के लोगों को इलाज कराने के लिए सीधे प्रखंड मुख्यालय स्थित सीएचसी की ओर रुख करना पड़ता है। समय रहते हुए इलाज की सुविधा नहीं मिल पाने के कारण मरीज की जान भी चली जाए, इससे इन्कार नहीं किया जा सकता है। भास्कर न्यूज | हसनपुर ऐसे तो सरकार की ओर से गांव से लेकर शहर तक आमलोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बहुतेरे योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। आमलोग इन योजनाओं से लाभान्वित भी हो रहे हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी पंचायत हैं, जहां योजनाओं का धरातल पर सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। हम बात कर रहे हैं दूधपुरा पंचायत की। इस पंचायत में सड़क, पेयजल व इलाज की सुविधा नदारद है। इस पंचायत के वार्डों में लोगों के घरों तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वार्डों में पेयजल आपूर्ति के लिए लगाया गया नल, सप्लाई पाइप व पानी टंकी शोभा की वस्तु बने हुए हैं। पेयजल आपूर्ति नहीं होने का मुख्य कारण पेयजल आपूर्ति के लिए लगाए गए सप्लाई पाइप का क्षतिग्रस्त होना है। किसी वार्ड में मोटर जलने की बात भी कही जा रही है। इस परिस्थिति में पंचायत के लोग चापाकल या फिर डब्बा बंद पानी के सहारे पेयजल आपूर्ति करने को विवश हैं। पंचायत की वार्डों में लोगों के घरों तक पेयजल आपूर्ति नहीं होने की जानकारी पंचायत प्रतिनिधि से लेकर विभागीय अधिकारी तक को है। लेकिन समस्या समाधान के लिए कहीं से कोई पहल नहीं किया जा रहा है। इसका परिणाम है कि पंचायत के लोगों को हर घर नल का जल योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पंचायत में ग्रामीण सड़क की स्थिति काफी जर्जर है। गांवों में ढलुआ सड़क हो या सोलिंग, मरम्मत के अभाव में ये जर्जर होते जा रहे हैं। ढलुआ सड़क की कंक्रीट उखड़ चुकी हैं। वहीं सोलिंग की ईंटें टूट चुकी हैं। सड़क की जर्जर हालत के कारण हल्की बारिश में भी लोगों को इससे होकर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सड़क व पेयजल समस्या के अलावा दूधपुरा पंचायत में इलाज की सुविधा भी नदारद है। इस पंचायत में कोई स्वास्थ्य केंद्र संचालित नहीं है। परिणाम यह है कि पंचायत के लोगों को इलाज कराने के लिए सीधे प्रखंड मुख्यालय स्थित सीएचसी की ओर रुख करना पड़ता है। समय रहते हुए इलाज की सुविधा नहीं मिल पाने के कारण मरीज की जान भी चली जाए, इससे इन्कार नहीं किया जा सकता है।


